Ajmer: अजमेर सेंट्रल जेल से बिना अनुमति बाहर ले जाई गईं दो महिला बंदियां, चार के खिलाफ केस दर्ज
अजमेर सेंट्रल जेल से हत्या के मामले में बंद दो महिला बंदियों को बिना अदालत की अनुमति और नियमों का पालन किए बाहर ले जाने के मामले में महिला जेलर, महिला प्रहरी समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
अजमेर सेंट्रल जेल से हत्या के मामले में बंद दो महिला बंदियों को बिना अदालत की अनुमति और नियमों का पालन किए बाहर ले जाने के मामले में महिला जेलर, महिला प्रहरी समेत चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
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अजमेर सेंट्रल जेल से हत्या के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में बंद दो महिला बंदियों को अदालत की अनुमति और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना जेल परिसर से बाहर ले जाने के मामले में अब आपराधिक कार्रवाई शुरू हो गई है। केंद्रीय कारागृह अधीक्षक की ओर से सिविल लाइन थाने में दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन प्रभारी महिला जेलर दिव्या चौधरी, महिला प्रहरी सोनिया चौधरी और दोनों महिला बंदियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम 12 जुलाई 2026 का है। आरोप है कि हत्या के मामले में बंद दोनों महिला बंदियों को न्यायालय की अनुमति के बिना और जेल नियमावली का उल्लंघन करते हुए जेल से बाहर ले जाया गया। इस दौरान आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। जेल रिकॉर्ड में न तो बंदियों को बाहर ले जाने का कारण दर्ज किया गया और न ही उनके बाहर रहने तथा वापस लौटने का समय नियमानुसार दर्ज किया गया।
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मामले का खुलासा तब हुआ, जब जानकारी सामने आई कि दोनों महिला बंदियों को सरकारी वाहन के बजाय निजी वाहन से जेल परिसर से बाहर ले जाया गया था। इसके बाद जेल प्रशासन और कारागार विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही दोनों बंदियों को वापस जेल लाया गया और पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट कारागार मुख्यालय को भेजी गई।
प्रारंभिक जांच में नियमों के गंभीर उल्लंघन की पुष्टि होने पर कारागार मुख्यालय ने तत्कालीन प्रभारी महिला जेलर दिव्या चौधरी और महिला प्रहरी सोनिया चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए दोनों का मुख्यालय भी बदल दिया गया।
विभागीय जांच के बाद अब जेल प्रशासन ने सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि महिला बंदियों को किस उद्देश्य से जेल से बाहर ले जाया गया, वे किन-किन स्थानों पर गईं और क्या इस पूरे मामले में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भी भूमिका रही है। इस घटना के सामने आने के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस और कारागार विभाग दोनों स्तरों पर मामले की विस्तृत जांच जारी है।