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Rajasthan News: बाइक चोर से खूंखार अपराधी तक, कौन है विष्णु जाट, जिसने जेल में डकैत जगन गुर्जर की ली जान?
Wed, 01 Jul 2026 10:12 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Wed, 01 Jul 2026 10:12 AM IST
सार
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद आरोपी विष्णु जाट एक बार फिर चर्चा में है। भरतपुर का रहने वाला विष्णु जाट पहले बाइक चोरी करता था, लेकिन बाद में वह कृपाल जघीना गैंग से जुड़ गया।
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विष्णु जाट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया है। इस हत्याकांड के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह है विष्णु जाट। उस पर पहले भी प्रदेश के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड में मुख्य भूमिका निभाने का आरोप है।
बाइक चोरी से अपराध की दुनिया तक का सफर
भरतपुर जिले के अजान गांव का रहने वाला विष्णु जाट शुरुआत में बाइक चोरी जैसी वारदातों में शामिल रहता था। धीरे-धीरे उसका संपर्क अपराध जगत से बढ़ा और वह कृपाल जघीना गैंग के करीब पहुंच गया। इसके बाद वह बड़े आपराधिक मामलों में शामिल होने लगा।
कुलदीप जघीना हत्याकांड से पहली बार आया चर्चा में
12 जुलाई 2023 को दिनदहाड़े हुए कुलदीप जघीना हत्याकांड के बाद विष्णु जाट का नाम पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आया। पुलिस जांच के अनुसार कुलदीप जघीना और विजयपाल को जयपुर से भरतपुर कोर्ट पेशी के लिए बस से ले जाया जा रहा था।
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मुस्लिम युवक का वेश बनाकर बस में चढ़ा था
पुलिस के मुताबिक गैंग ने पूरी वारदात की पहले से योजना बनाई थी। विष्णु ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मुस्लिम युवक जैसा पहनावा अपनाया और जयपुर के सिंधी कैंप से उसी बस में सवार हो गया। पूरे रास्ते वह मोबाइल के जरिए अपने साथियों को बस की लोकेशन और पुलिस की गतिविधियों की जानकारी देता रहा। जैसे ही बस आमोली टोल प्लाजा के पास पहुंची, पहले से घात लगाए बदमाशों ने बस को घेर लिया। पुलिस कुछ समझ पाती, उससे पहले बस में बैठे विष्णु ने उठकर कुलदीप जघीना पर पहली गोली चला दी। इसके बाद बाहर मौजूद बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में कुलदीप जघीना की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस मुठभेड़ के बाद हुआ गिरफ्तार
वारदात के कुछ घंटों बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विष्णु का पीछा किया। खेरिया मोड़ के पास घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस पर भी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद से वह अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था।
ये भी पढ़ें: Jaipur Bribe News: सील नहीं करने की एवज में मांगी थी 2 लाख की घूस, जयपुर नगर निगम का JEN 80 हजार लेते गिरफ्तार
जगन गुर्जर के साथ एक ही बैरक में था बंद
जेल में विष्णु जाट की बैरक कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के साथ थी। जेल सूत्रों के अनुसार 29 जून 2026 की सुबह दोनों ने साथ मिलकर बैरक की सफाई की और काफी देर तक लूडो भी खेलते रहे। उस समय सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था। दोपहर में जब जेल कर्मचारी नियमित जांच के लिए बैरक खोलने पहुंचे तो जगन गुर्जर मृत अवस्था में पड़ा मिला। वहीं बैरक में मौजूद विष्णु जाट शांत बैठा हुआ था।
पूछताछ में हत्या की जिम्मेदारी ली
पूछताछ के दौरान विष्णु जाट ने बिना किसी घबराहट के हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसने गमछे से जगन गुर्जर का गला घोंटकर उसकी हत्या की। दोनों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ, इसकी जांच पुलिस और जेल प्रशासन कर रहे हैं। बाइक चोरी से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला विष्णु जाट अब राजस्थान के सबसे चर्चित अपराधियों में गिना जा रहा है। पहले पुलिस सुरक्षा में ले जाए जा रहे कुलदीप जघीना की हत्या और अब हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर जगन गुर्जर की हत्या ने उसे फिर सुर्खियों में ला दिया है। इस घटना के बाद हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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बाइक चोरी से अपराध की दुनिया तक का सफर
भरतपुर जिले के अजान गांव का रहने वाला विष्णु जाट शुरुआत में बाइक चोरी जैसी वारदातों में शामिल रहता था। धीरे-धीरे उसका संपर्क अपराध जगत से बढ़ा और वह कृपाल जघीना गैंग के करीब पहुंच गया। इसके बाद वह बड़े आपराधिक मामलों में शामिल होने लगा।
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कुलदीप जघीना हत्याकांड से पहली बार आया चर्चा में
12 जुलाई 2023 को दिनदहाड़े हुए कुलदीप जघीना हत्याकांड के बाद विष्णु जाट का नाम पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आया। पुलिस जांच के अनुसार कुलदीप जघीना और विजयपाल को जयपुर से भरतपुर कोर्ट पेशी के लिए बस से ले जाया जा रहा था।
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मुस्लिम युवक का वेश बनाकर बस में चढ़ा था
पुलिस के मुताबिक गैंग ने पूरी वारदात की पहले से योजना बनाई थी। विष्णु ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मुस्लिम युवक जैसा पहनावा अपनाया और जयपुर के सिंधी कैंप से उसी बस में सवार हो गया। पूरे रास्ते वह मोबाइल के जरिए अपने साथियों को बस की लोकेशन और पुलिस की गतिविधियों की जानकारी देता रहा। जैसे ही बस आमोली टोल प्लाजा के पास पहुंची, पहले से घात लगाए बदमाशों ने बस को घेर लिया। पुलिस कुछ समझ पाती, उससे पहले बस में बैठे विष्णु ने उठकर कुलदीप जघीना पर पहली गोली चला दी। इसके बाद बाहर मौजूद बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में कुलदीप जघीना की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस मुठभेड़ के बाद हुआ गिरफ्तार
वारदात के कुछ घंटों बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विष्णु का पीछा किया। खेरिया मोड़ के पास घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस पर भी फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद से वह अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था।
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जगन गुर्जर के साथ एक ही बैरक में था बंद
जेल में विष्णु जाट की बैरक कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के साथ थी। जेल सूत्रों के अनुसार 29 जून 2026 की सुबह दोनों ने साथ मिलकर बैरक की सफाई की और काफी देर तक लूडो भी खेलते रहे। उस समय सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था। दोपहर में जब जेल कर्मचारी नियमित जांच के लिए बैरक खोलने पहुंचे तो जगन गुर्जर मृत अवस्था में पड़ा मिला। वहीं बैरक में मौजूद विष्णु जाट शांत बैठा हुआ था।
पूछताछ में हत्या की जिम्मेदारी ली
पूछताछ के दौरान विष्णु जाट ने बिना किसी घबराहट के हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसने गमछे से जगन गुर्जर का गला घोंटकर उसकी हत्या की। दोनों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ, इसकी जांच पुलिस और जेल प्रशासन कर रहे हैं। बाइक चोरी से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला विष्णु जाट अब राजस्थान के सबसे चर्चित अपराधियों में गिना जा रहा है। पहले पुलिस सुरक्षा में ले जाए जा रहे कुलदीप जघीना की हत्या और अब हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर जगन गुर्जर की हत्या ने उसे फिर सुर्खियों में ला दिया है। इस घटना के बाद हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी और जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।