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Balotra News: रामसीन मूंगड़ा बालिका स्कूल में जर्जर भवन का हिस्सा गिरा, टला बड़ा हादसा
Sun, 12 Jul 2026 06:03 PM IST
बालोतरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: बालोतरा ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2026 06:03 PM IST
सार
प्राचार्या ने बताया कि जब कमरे का निरीक्षण किया गया तो अंदर छत की पट्टियां टूटकर जमीन पर गिरी हुई मिलीं। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेज दी गई है।
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कमरे की छत की पट्टियां गिरीं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बालोतरा जिले के निकटवर्ती रामसीन मूंगड़ा गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय में एक जर्जर कक्षा की छत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि जिस कमरे की छत गिरी, वह पिछले करीब तीन वर्षों से पूरी तरह बंद था और उसमें न तो कक्षाएं संचालित की जा रही थीं और न ही किसी शिक्षक का आवागमन होता था। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण भी विद्यालय पहुंचे और मौके का जायजा लिया।
विद्यालय परिसर में छत गिरने की सूचना फैलते ही स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने स्कूल भवन की स्थिति पर चिंता जताते हुए समय रहते जर्जर भवनों की मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग की, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका न रहे।
पढ़ें: राजस्थान के डूंगरपुर में बड़ा हादसा: नहाने गए छह बच्चों में से चार तालाब में डूबे, मौत; मामा के घर आए थे सभी
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विद्यालय की प्राचार्या इन्द्रा बोखा ने बताया कि संबंधित कक्षा काफी समय से क्षतिग्रस्त थी। भवन की कमजोर स्थिति को देखते हुए लगभग तीन वर्ष पहले ही उसे बंद कर दिया गया था। छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उस कमरे में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था।
उन्होंने बताया कि जब कमरे का निरीक्षण किया गया तो अंदर छत की पट्टियां टूटकर जमीन पर गिरी हुई मिलीं। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेज दी गई है। विद्यालय प्रशासन ने पहले भी कई बार भवन की जर्जर स्थिति से विभाग को अवगत कराया था और आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी।
प्राचार्या के अनुसार फिलहाल छात्राओं को क्षतिग्रस्त कमरे और उसके आसपास जाने से रोका गया है। विद्यालय प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी की संभावना न रहे। विभाग से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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विद्यालय परिसर में छत गिरने की सूचना फैलते ही स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने स्कूल भवन की स्थिति पर चिंता जताते हुए समय रहते जर्जर भवनों की मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग की, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका न रहे।
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विद्यालय की प्राचार्या इन्द्रा बोखा ने बताया कि संबंधित कक्षा काफी समय से क्षतिग्रस्त थी। भवन की कमजोर स्थिति को देखते हुए लगभग तीन वर्ष पहले ही उसे बंद कर दिया गया था। छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उस कमरे में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया था।
उन्होंने बताया कि जब कमरे का निरीक्षण किया गया तो अंदर छत की पट्टियां टूटकर जमीन पर गिरी हुई मिलीं। इसके बाद पूरे घटनाक्रम की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भेज दी गई है। विद्यालय प्रशासन ने पहले भी कई बार भवन की जर्जर स्थिति से विभाग को अवगत कराया था और आवश्यक कार्रवाई की मांग की थी।
प्राचार्या के अनुसार फिलहाल छात्राओं को क्षतिग्रस्त कमरे और उसके आसपास जाने से रोका गया है। विद्यालय प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी की संभावना न रहे। विभाग से जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।