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Banswara News: 14 साल के अंधेरे के बाद बिजली से रोशन हुआ घर, प्रशासन ने जनसहयोग से लौटाई उम्मीद की किरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:41 PM IST
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सार
14 साल से अंधेरे में जिंदगी बिता रही विधवा देवु बाई का घर आखिरकार रोशनी से जगमगा उठा। राज्य स्तरीय जनसुनवाई के दौरान प्रशासन ने जनसहयोग से राशि जुटाकर हाथों-हाथ बिजली कनेक्शन जारी कराया।
बिजली कनेक्शन संबंधी पत्र देती ग्राम पंचायत सवनिया की प्रशासक
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विस्तार
जिले के घाटोल ब्लॉक में गुरुवार का दिन विधवा महिला देवु बाई के लिए उम्मीद और रोशनी लेकर आया। पिछले 14 साल से अंधेरे में जीवन गुजार रही देवु का घर आखिरकार बिजली की रोशनी से जगमगा उठा। पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने वाली 50 वर्षीय देवु की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह साल 2011 के बाद बिजली का बिल नहीं चुका पाई और उसका कनेक्शन कट गया। तब से परिवार अंधेरे में रहने को मजबूर था।
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राज्य स्तरीय जनसुनवाई के दौरान देवु अपनी व्यथा लेकर घाटोल मुख्यालय पहुंची, जहां उपखंड अधिकारी मनसुख डामोर ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहे थे। देवु की कहानी सुनकर अधिकारी भी भावुक हो उठे। उन्होंने तुरंत विद्युत विभाग को निर्देश दिए और कनेक्शन पुनः जारी कराने की प्रक्रिया शुरू कराई। देवु ने आर्थिक तंगी के कारण राशि जमा कराने में असमर्थता जताई तो अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों ने आगे बढ़कर सहयोग राशि जुटाई। कुछ ही घंटों में राशि जमा कराई गई और हाथों-हाथ देवु के नाम से नया कनेक्शन जारी किया गया।
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विद्युत निगम के अभियंता और कार्मिक मौके पर पहुंचे, मीटर लगाया और मुख्य लाइन से जोड़कर बिजली आपूर्ति शुरू कर दी। जैसे ही घर में पहली बार 14 साल बाद रोशनी फैली, देवु की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब मेरे बच्चों को अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा। आसपास मौजूद लोगों ने भी तालियां बजाकर इस पल का स्वागत किया।
यह नजारा घाटोल ब्लॉक में मानवता और प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल बन गया। देवु का घर सिर्फ बिजली की रोशनी से नहीं बल्कि इंसानियत और उम्मीद की किरणों से भी जगमगा उठा। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और जनसहयोग ने साबित कर दिया कि जब सिस्टम संवेदनशील होता है, तो किसी के जीवन में सचमुच उजाला लौट सकता है।