'मां ने टिफिन दिया, पिता ने किया विदा'...: बांसवाड़ा में कुछ ही देर बाद मिली बेटे की मौत की खबर, कैसे घटी घटना
बांसवाड़ा में स्कूल वैन हादसे में स्टेट लेवल हैंडबॉल खिलाड़ी हेयान की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे के बाद सर्व समाज ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर स्कूल वाहनों की सुरक्षा, प्रशासनिक जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
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विस्तार
गुरु पूर्णिमा का पावन दिन। घर में हर दिन की तरह सुबह की चहल-पहल थी। मां ने बेटे के लिए प्यार से टिफिन तैयार किया। पिता ने उसके सिर पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद दिया। नन्हा हेयान स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर उत्साह से तैयार था। उसे और उसके माता-पिता को क्या पता था कि वह स्कूल नहीं, बल्कि जिंदगी के आखिरी सफर पर निकल रहा है। स्कूल स्तर पर स्टेट लेवल का हैंडबॉल खिलाड़ी हेयान इस हादसे में हमेशा के लिए दुनिया से विदा हो गया। उसके निधन से शहर ने एक होनहार खिलाड़ी भी खो दिया।
शहर के हाउसिंग बोर्ड निवासी राजेश वसानिया का इकलौता बेटा हेयान घर के बाहर स्कूल वैन का इंतजार कर रहा था। जैसे ही वैन पहुंची, उसने मुस्कराते हुए मां-पिता को हाथ हिलाकर बाय कहा। माता-पिता ने भी मुस्कराकर उसे विदा किया। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह विदाई हमेशा के लिए होगी।
बिखरे बैग और टिफिन, गूंजती रहीं बच्चों की चीखें
हेयान सहित अन्य बच्चों को लेकर जा रही स्कूल वैन स्कूल से करीब एक से डेढ़ किलोमीटर पहले तेज रफ्तार में सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद बच्चों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। वैन के भीतर खून फैला हुआ था। बच्चों के जूते, स्कूल बैग, पानी की बोतलें और टिफिन सड़क पर बिखरे पड़े थे। घायल बच्चे दर्द से कराह रहे थे। मौके पर पहुंचे लोगों ने तुरंत वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया। किसी ने बच्चों को गोद में उठाया तो किसी ने एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी।
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पलभर में मातम में बदली परिवार की खुशियां
जिस मां ने सुबह अपने बेटे के लिए स्नेह से टिफिन तैयार किया था, कुछ ही देर बाद उसे यह दुखद खबर मिली कि उसका लाल अब कभी घर नहीं लौटेगा। पिता, जिसने बेटे को आशीर्वाद देकर स्कूल भेजा था, जब अस्पताल पहुंचे तो उनके सामने बेटे का निर्जीव शरीर था। देखते ही देखते पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। गुरु पूर्णिमा का दिन इस परिवार के लिए जिंदगी भर का सबसे बड़ा दर्द बन गया। घर में रखी हेयान की स्कूल ड्रेस, उसका टिफिन और उसकी राह ताकती आंखें अब हमेशा एक दर्दभरी याद बनकर रह जाएंगी।
सर्व समाज में आक्रोश, कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
हादसे के बाद शाम को सर्व समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। नेमा समाज सहित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने स्कूल प्रबंधन, प्रशासन और यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। उन्होंने स्कूल वाहनों की नियमित जांच, चालकों की जवाबदेही और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की। बाद में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि, इस हादसे ने एक मासूम की जान के साथ कई अनुत्तरित सवाल, टूटे हुए सपने और ऐसा दर्द छोड़ दिया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।