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Barmer: वाह शिक्षक हो तो ऐसा! वादा किया तो निभाया; 90% अंक लाने वाली बेटियों को अपनी जेब से करवाई हवाई यात्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: बाड़मेर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 09:12 AM IST
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सार
Barmer: बाड़मेर के धोरीमन्ना क्षेत्र में स्टेट अवार्डी शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई ने अपनी घोषणा के अनुरूप 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली तीन छात्राओं को अहमदाबाद से बेंगलुरु तक हवाई यात्रा करवाई। शिक्षक की इस पहल ने छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के महत्व और प्रोत्साहन की शक्ति का संदेश दिया।
छात्राओं को फ्लाइट का सफर कराते शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह सपनों को पंख देने का माध्यम भी बनती है। बाड़मेर जिले से ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां एक सरकारी शिक्षक ने अपनी घोषणा को हकीकत में बदलते हुए तीन मेधावी छात्राओं के हवाई यात्रा के सपने को साकार कर दिया।
पढ़ाई के लिए शुरू की अनोखी पहल
जिले के धोरीमन्ना क्षेत्र स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पाबूबेरा में कार्यरत स्टेट अवार्डी शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने के लिए एक अनोखी पहल की थी। उन्होंने सत्र 2025-26 के दौरान घोषणा की थी कि कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को वे अपनी निजी आय से हवाई यात्रा करवाएंगे। शिक्षक की इस घोषणा ने विद्यार्थियों के भीतर पढ़ाई के प्रति नया उत्साह भर दिया।
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तीन छात्राओं ने हासिल किए 90% से अधिक अंक
जब परीक्षा परिणाम घोषित हुए तो विद्यालय की छात्राएं हर्षिता, गीता और शांति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए। अपने वादे के अनुसार शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई ने इन तीनों छात्राओं को 12 जून को अहमदाबाद से बेंगलुरु तक हवाई यात्रा करवाई। लगभग ढाई घंटे की इस उड़ान ने छात्राओं के जीवन में एक यादगार अनुभव जोड़ दिया।
पहली हवाई यात्रा बनी यादगार अनुभव
ग्रामीण परिवेश से आने वाली इन बेटियों के लिए यह यात्रा किसी सपने के सच होने से कम नहीं थी। विमान में बैठने के बाद उनके चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। यात्रा पूरी होने के बाद छात्राओं ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वे इतनी जल्दी हवाई जहाज में सफर करेंगी। उन्होंने कहा कि उनके शिक्षक ने जो वादा किया था, उसे पूरी ईमानदारी से निभाया है। इस अनुभव ने उन्हें आगे और अधिक मेहनत करने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी है।
शिक्षक बोले- प्रोत्साहन से बदल सकती है जिंदगी
शिक्षक जगदीश प्रसाद विश्नोई का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले कई विद्यार्थियों के बड़े सपने होते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे उन्हें पूरा होता हुआ नहीं देख पाते। ऐसे में यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिले तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने यह पहल शुरू की ताकि विद्यार्थी बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रेरित हों।
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शिक्षा, प्रेरणा और विश्वास की मिसाल
यह घटना केवल तीन छात्राओं की हवाई यात्रा की कहानी नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, प्रेरणा और विश्वास की ताकत का उदाहरण है। एक शिक्षक की सकारात्मक सोच ने न केवल छात्राओं के सपनों को उड़ान दी, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सच्चे शिक्षक केवल पढ़ाते ही नहीं, बल्कि अपने विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं।