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Rajasthan: नेपाल में बाड़मेर की बेटियों का जलवा, भारत ने थाईलैंड को 4-2 से हराकर जीता गोल्ड
Fri, 07 Aug 2026 08:19 PM IST
बाड़मेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: बाड़मेर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 08:19 PM IST
सार
Rajasthan News: राजस्थान के बाड़मेर की खेल प्रतिभाओं ने नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मिनीफुटबॉल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय टीम ने फाइनल में थाईलैंड को 4-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
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बाड़मेर की बेटियों ने लहराया परचम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के बाड़मेर जिले की खेल प्रतिभाओं ने नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। गोल्ड मेडल जीतकर घर लौटे खिलाड़ियों का फूल-माला और साफा पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया।
भारत ने फाइनल में थाईलैंड को 4-2 से दी शिकस्त
जिले के रामसर कुआ गांव निवासी फुटबॉल खिलाड़ी कविता सारण ने बताया कि 1 से 3 अगस्त तक नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मिनीफुटबॉल टूर्नामेंट में वह भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। टूर्नामेंट के दौरान टीम ने विभिन्न देशों की टीमों के साथ मुकाबले खेले। फाइनल में भारत का सामना थाईलैंड से हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने थाईलैंड को 4-2 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
बाड़मेर के दो और राजस्थान के तीन खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
कविता सारण ने बताया कि प्रतियोगिता में बाड़मेर जिले के दो और पूरे राजस्थान के कुल तीन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। भारतीय टीम की जीत के बाद खिलाड़ियों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। घर लौटने पर खिलाड़ियों का स्थानीय स्तर पर सम्मान और स्वागत किया गया।
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'बेटियों को घर तक सीमित न रखें'
कविता सारण ने कहा कि गेम जीतने के बाद उन्हें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग सवाल करते हैं कि लड़कियां बाहर क्यों जा रही हैं। ऐसे लोगों से वह कहना चाहती हैं कि बेटियों को केवल घर तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए, ताकि हर क्षेत्र में लड़कियों की गूंज सुनाई दे।
कविता ने कहा कि पहले की तुलना में अब कुछ बदलाव जरूर आया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे केवल यह कहने तक सीमित न रहें कि लड़का और लड़की समान हैं, बल्कि बेटियों को भी लड़कों के बराबर समझें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें।
'बेटियां किसी से कम नहीं'
बेरीवाला तला गांव निवासी दिव्या चौधरी ने बताया कि उन्होंने नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मिनीफुटबॉल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। उन्होंने कहा कि बेटियां हर काम कर सकती हैं और किसी से कम नहीं हैं। उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने की अपील की।
यह भी पढ़ें: छात्रसंघ चुनाव की मांग पर एबीवीपी का हंगामा, PG कॉलेज के गेट पर जड़ा ताला; पुलिस से धक्का-मुक्की
लक्ष्यराज सिंह ने भी जीता स्वर्ण पदक
इसी प्रकार, बाड़मेर के छोटे से गांव फोगेरा के होनहार खिलाड़ी लक्ष्यराज सिंह ने भी नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर परिवार के साथ क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।
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भारत ने फाइनल में थाईलैंड को 4-2 से दी शिकस्त
जिले के रामसर कुआ गांव निवासी फुटबॉल खिलाड़ी कविता सारण ने बताया कि 1 से 3 अगस्त तक नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मिनीफुटबॉल टूर्नामेंट में वह भारतीय टीम का हिस्सा रहीं। टूर्नामेंट के दौरान टीम ने विभिन्न देशों की टीमों के साथ मुकाबले खेले। फाइनल में भारत का सामना थाईलैंड से हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने थाईलैंड को 4-2 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
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बाड़मेर के दो और राजस्थान के तीन खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
कविता सारण ने बताया कि प्रतियोगिता में बाड़मेर जिले के दो और पूरे राजस्थान के कुल तीन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। भारतीय टीम की जीत के बाद खिलाड़ियों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। घर लौटने पर खिलाड़ियों का स्थानीय स्तर पर सम्मान और स्वागत किया गया।
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'बेटियों को घर तक सीमित न रखें'
कविता सारण ने कहा कि गेम जीतने के बाद उन्हें बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग सवाल करते हैं कि लड़कियां बाहर क्यों जा रही हैं। ऐसे लोगों से वह कहना चाहती हैं कि बेटियों को केवल घर तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए, ताकि हर क्षेत्र में लड़कियों की गूंज सुनाई दे।
कविता ने कहा कि पहले की तुलना में अब कुछ बदलाव जरूर आया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे केवल यह कहने तक सीमित न रहें कि लड़का और लड़की समान हैं, बल्कि बेटियों को भी लड़कों के बराबर समझें और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें।
'बेटियां किसी से कम नहीं'
बेरीवाला तला गांव निवासी दिव्या चौधरी ने बताया कि उन्होंने नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मिनीफुटबॉल टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। उन्होंने कहा कि बेटियां हर काम कर सकती हैं और किसी से कम नहीं हैं। उनमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने की अपील की।
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लक्ष्यराज सिंह ने भी जीता स्वर्ण पदक
इसी प्रकार, बाड़मेर के छोटे से गांव फोगेरा के होनहार खिलाड़ी लक्ष्यराज सिंह ने भी नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर परिवार के साथ क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।