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मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में बवाल: छात्र ने लगाए रैगिंग और मारपीट के आरोप, कलेक्टर के निर्देश पर जांच समिति गठित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: बूँदी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 05:03 PM IST
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सार
बूंदी मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में छात्रों के बीच हुए विवाद और रैगिंग के आरोपों के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर जांच समिति गठित की गई है। पुलिस छात्रों के बयान दर्ज कर रही है। रिपोर्ट के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
मारपीट के मामले में प्रशासन सख्त
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बूंदी मेडिकल कॉलेज के बॉयज हॉस्टल में छात्रों के बीच हुए विवाद और रैगिंग के आरोपों के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देश पर कॉलेज प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए अनुशासनात्मक समिति का गठन किया है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के दो गुटों में हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में छात्रों के दो गुटों के बीच कहासुनी के बाद विवाद हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन सक्रिय हो गए। हॉस्टल वार्डन डॉ. बालकृष्ण शर्मा और डॉ. विशाल यादव मौके पर पहुंचे तथा छात्रों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी छात्रावास पहुंचा और दोनों पक्षों से घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
छात्र ने लगाए रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना के आरोप
विवाद के बाद एक छात्र ने आरोप लगाया कि प्रथम वर्ष से ही कुछ वरिष्ठ छात्र उसके साथ रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना करते रहे हैं। छात्र का कहना है कि विरोध करने पर उसे और उसके साथियों को लगातार परेशान किया जाता था। छात्र ने आरोप लगाया कि शनिवार को विवाद बढ़ने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं। घटना के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच और उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई। बाद में उसे सुरक्षित रूप से छात्रावास भेज दिया गया।
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प्राचार्य बोले- प्रथम दृष्टया रैगिंग का मामला नहीं
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल चंदेल ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला रैगिंग का नहीं, बल्कि छात्रों के बीच आपसी विवाद का प्रतीत होता है। हालांकि कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान में रैगिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में रैगिंग या प्रताड़ना से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के बयान दर्ज, पुलिस भी कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने पर हिंडोली पुलिस भी जांच में जुट गई है। हिंडोली थाने के सहायक उपनिरीक्षक मणिराज मीणा ने बताया कि संबंधित छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कॉलेज प्रशासन द्वारा गठित अनुशासनात्मक समिति भी मामले के सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
ये भी पढ़ें- 'बीजेपी केवल इवेंट मैनेजमेंट तक सीमित': गोविंद डोटासरा ने सरकार पर साधा निशाना, बोले- युवा और किसान परेशान
जिला कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने कहा कि छात्रावास का अनुशासन और शैक्षणिक माहौल किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पूरे मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज परिसर में चर्चाओं का दौर जारी है और सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
छात्रों के दो गुटों में हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में छात्रों के दो गुटों के बीच कहासुनी के बाद विवाद हो गया। घटना की सूचना मिलते ही कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन सक्रिय हो गए। हॉस्टल वार्डन डॉ. बालकृष्ण शर्मा और डॉ. विशाल यादव मौके पर पहुंचे तथा छात्रों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी छात्रावास पहुंचा और दोनों पक्षों से घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
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छात्र ने लगाए रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना के आरोप
विवाद के बाद एक छात्र ने आरोप लगाया कि प्रथम वर्ष से ही कुछ वरिष्ठ छात्र उसके साथ रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना करते रहे हैं। छात्र का कहना है कि विरोध करने पर उसे और उसके साथियों को लगातार परेशान किया जाता था। छात्र ने आरोप लगाया कि शनिवार को विवाद बढ़ने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं। घटना के बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय जांच और उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई। बाद में उसे सुरक्षित रूप से छात्रावास भेज दिया गया।
प्राचार्य बोले- प्रथम दृष्टया रैगिंग का मामला नहीं
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल चंदेल ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला रैगिंग का नहीं, बल्कि छात्रों के बीच आपसी विवाद का प्रतीत होता है। हालांकि कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान में रैगिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में रैगिंग या प्रताड़ना से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों के बयान दर्ज, पुलिस भी कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने पर हिंडोली पुलिस भी जांच में जुट गई है। हिंडोली थाने के सहायक उपनिरीक्षक मणिराज मीणा ने बताया कि संबंधित छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कॉलेज प्रशासन द्वारा गठित अनुशासनात्मक समिति भी मामले के सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
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जिला कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने कहा कि छात्रावास का अनुशासन और शैक्षणिक माहौल किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पूरे मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज परिसर में चर्चाओं का दौर जारी है और सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।