Bundi: निकाय चुनाव से पहले बूंदी कांग्रेस में घमासान, बैठक में ममता शर्मा और सत्येश शर्मा के बीच तीखी नोकझोंक
बूंदी में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक के दौरान ममता शर्मा और सत्येश शर्मा के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। ममता शर्मा ने अपने साथ दुर्व्यवहार और महिलाओं के प्रति असम्मानजनक व्यवहार का आरोप लगाया।
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नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव से पहले बूंदी कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संगठनात्मक बैठक के दौरान वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बैठक में मौजूद कार्यकर्ता और समर्थक भी दो गुटों में बंट गए। कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा और बैठक में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिले की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
जानकारी के अनुसार बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, आगामी नगर निकाय एवं पंचायती राज चुनाव की रणनीति तैयार करना और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित करना था। बैठक में राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता ममता शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद थीं। शुरुआत में संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन एक टिप्पणी के बाद माहौल अचानक बदल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पीसीसी सदस्य एवं बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा के पुत्र सत्येश शर्मा ने बैठक के दौरान कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताई। इसके बाद ममता शर्मा और सत्येश शर्मा के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दोनों पक्षों के समर्थक भी अपनी-अपनी बात रखने लगे, जिससे बैठक में शोर-शराबा बढ़ गया और कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
मौके पर मौजूद वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, पर्यवेक्षकों और पदाधिकारियों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया। समझाइश के बाद विवाद थमा और कुछ समय के विराम के बाद बैठक दोबारा शुरू हुई। हालांकि बैठक में हुआ विवाद पूरे कार्यक्रम पर भारी पड़ गया।
बैठक में मौजूद लोगों के अनुसार विवाद के दौरान एक पक्ष की ओर से लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को हराने का आरोप भी लगाया गया, जिसके बाद बहस और तेज हो गई। हालांकि किसी तरह की हाथापाई या शारीरिक झड़प की पुष्टि नहीं हुई है।
इसी दौरान किसी कार्यकर्ता ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई। इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे विचारों के टकराव का परिणाम मान रहे हैं।
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घटना के बाद ममता शर्मा ने भी अपना पक्ष सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि बूंदी में आयोजित जिला कांग्रेस की बैठक के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ, जिससे उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उनका आरोप है कि बैठक में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया।
ममता शर्मा ने कहा कि वह संगठन और चुनावी तैयारियों को लेकर अपनी बात रख रही थीं, लेकिन कुछ लोगों को उनकी बातें स्वीकार नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में दूसरों की बात सुनने का धैर्य भी होना चाहिए। किसी वरिष्ठ नेता की बात बीच में रोकना और अभद्र भाषा का प्रयोग करना पार्टी की संस्कृति के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने सीधे तौर पर सत्येश शर्मा पर मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सीमाएं पार कर दीं। ममता शर्मा ने कहा कि बैठक में मौजूद पर्यवेक्षकों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी की बात गलत लगती है तो उसका जवाब तथ्यों और तर्कों से दिया जाना चाहिए, न कि अभद्र व्यवहार से।
उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे अधिक दुख इस बात का है कि पार्टी की बैठक में एक वरिष्ठ महिला नेता के साथ ऐसा व्यवहार किया गया। उनके अनुसार यदि महिलाओं के प्रति सम्मान नहीं होगा तो संगठन मजबूत नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात की जाती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं गलत संदेश देती हैं।
ममता शर्मा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की ताकत उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं के संस्कारों से पहचानी जाती है। यदि बैठकों में विचार रखने वाले नेताओं को सम्मान नहीं मिलेगा तो संगठन कमजोर होगा। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को पार्टी की छवि के लिए नुकसानदायक बताते हुए कहा कि ऐसे विवादों से कार्यकर्ताओं के बीच भी गलत संदेश जाता है।