गुरुवार सुबह जयपुर में एनएसयूआई के तीन छात्र नेताओं ने टोंक फाटक पुलिया के समीप स्थित रेलवे प्रशासन की पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्र राजस्थान में पिछले चार वर्षों से बंद छात्रसंघ चुनावों की बहाली और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, रेलवे पुलिस, सिविल डिफेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं तथा छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास शुरू कर दिए।
टंकी पर चढ़े छात्रों में राजस्थान विश्वविद्यालय के एनएसयूआई प्रभारी विजयपाल कुड़ी, छात्र नेत्री वियोना जाट और छात्र नेता कोशेन खान शामिल हैं। तीनों ने हाथों में पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और दिल्ली में छात्रों पर हुई कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफे और छात्रों से माफी मांगने की भी मांग उठाई।
छात्र नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग स्वीकार्य नहीं है। उनका आरोप है कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने राजस्थान में लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और चुनाव नहीं होने से छात्रों को अपना प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं मिल रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से जल्द छात्रसंघ चुनाव कराने की घोषणा करने की मांग की।
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प्रदर्शन के दौरान टोंक फाटक क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए आसपास का क्षेत्र नियंत्रित किया। प्रशासनिक अधिकारी लगातार छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांतिपूर्वक नीचे उतरने के लिए समझाइश दे रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर तैनात की गई है। वहीं सिविल डिफेंस की टीम ने संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए पानी की टंकी के चारों ओर सुरक्षा जाल लगाया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास जारी है।
बताया जा रहा है कि जिस पानी की टंकी पर छात्र चढ़े हैं, वह गांधीनगर रेलवे प्रशासन द्वारा निर्मित है और अभी तक संचालन शुरू नहीं हुआ है। चूंकि प्रदर्शन रेलवे की संपत्ति पर हो रहा है, इसलिए रेलवे पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। फिलहाल तीनों छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन लगातार वार्ता कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रशासन घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है।
गहलोत और पायलट ने किया ट्वीट
इस मुद्दे को लेकर
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट डालते हुए लिखा कि राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव करवाने तथा राजस्थानी भाषा के नियमित विभाग की स्थापना की मांग को लेकर शुभम रेवाड की पिछले 7 दिनों से भूख हड़ताल जारी है। यह सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की असंवेदनशीलता है कि उनकी मांगों को लेकर अभी तक कोई वार्ता तक नहीं की गई है। चूंकि ये दोनों महत्वपूर्ण मांगें राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं, अतः राजस्थान सरकार इस संवेदनशील मामले में हस्तक्षेप कर युवा छात्र की मांगों का जल्द से जल्द सकारात्मक समाधान निकाले।
कांग्रेस के महासचिव सचिन पायलट ने भी अपनी पोस्ट में कहा- राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल व राजस्थानी भाषा का नियमित विभाग खोलने की मांग को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़, वीरेन्द्र चौधरी पिछले 7 दिनों से भूख हड़ताल व धरने पर बैठे हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार व विश्वविद्यालय प्रशासन युवाओं की आवाज सुनने की बजाय उनकी सही मांगों से मुंह मोड़ रहे हैं। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत संवाद करना चाहिए।