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Chittorgarh News: पांच दिन बाद 12 किमी दूर मिला मासूम का शव, रेत में दबे मिले मां-बेटी, रेस्क्यू अभियान समाप्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: चित्तौड़गढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 31 Aug 2025 04:19 PM IST
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सार
जिले में बनास और रूपारेल नदी में बहे लोगों के शव आखिरकार मिल गए। पांच दिन बाद बालिका रूत्वी का शव 12 किलोमीटर दूर मिला, वहीं तीन दिन से लापता मां-बेटी के शव भी बरामद हुए। शव मिलने के बाद रेस्क्यू अभियान समाप्त कर दिया गया।
बनास और रूपारेल नदी में डूबे लोगों के शव मिले
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विस्तार
जिले के राशमी क्षेत्र में पांच दिन पूर्व बनास नदी पुलिया से बही बालिका का शव रविवार को बरामद किया गया। बालिका का शव बहकर करीब 12 किलोमीटर दूर मिला। शव मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और रेस्क्यू अभियान को समाप्त कर दिया गया। वहीं बेगूं उपखंड क्षेत्र के पारसोली में रूपारेल नदी में बही मां-बेटी के शव भी तीसरे दिन मिल गए।
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जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार मध्य रात्रि को बनास नदी पर बने पुराने पुल पर तेज बहाव के कारण कार बह गई थी। इस हादसे में बालिका रूत्वी लापता हो गई थी। एसडीआरएफ के गोताखोरों द्वारा लाईन कॉम्बिंग कर 12–15 किलोमीटर तक तलाशी की गई। उदयपुर रेंज से हाई रेजोल्यूशन ड्रोन मंगवाकर नदी का बारीकी से निरीक्षण कराया गया। चित्तौड़गढ़ के भोईखेड़ा से भी विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद ली गई।
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कई दिनों की मशक्कत के बाद रविवार को रतनखेड़ी एनीकट से एसडीआरएफ टीम ने हाकम सिंह के नेतृत्व में रूत्वी का शव बरामद किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकेश सांखला ने बताया कि जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और स्थानीय लोगों की संयुक्त कोशिश से यह संभव हो पाया। मातृकुंडिया बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण तलाशी में दिक्कतें आईं, लेकिन आखिरकार सफलता मिल गई। शव की पहचान कर परिजनों को सौंप दिया गया।
पास में ही दबे मिले मां-बेटी के शव
इधर बेगूं उपखंड क्षेत्र में 29 अगस्त को हुए हादसे में बाइक सवार पांच लोग रूपारेल नदी में बह गए थे। ग्रामीणों ने तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया था, लेकिन मैना प्रजापत (30) और उसकी आठ वर्षीय बेटी रिया लापता हो गई थीं। एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और गोताखोरों की टीमें लगातार तलाश में जुटी थीं।
रविवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के तीसरे दिन दोनों शव पुलिया से कुछ ही दूरी पर रेत के नीचे दबे मिले। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पारसोली चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। इस दौरान एसडीएम अंकित सामरिया और डीएसपी अंजलि सिंह लगातार मौके पर मौजूद रहे।