राजस्थान: तीन हजार लीटर मिलावटी दूध से भरी पिकअप जब्त, जांच में बदबू और खट्टापन मिला; चालक गिरफ्तार
दौसा जिले के सलेमपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने 3000 लीटर संदिग्ध दूध से भरी पिकअप जब्त की। जांच में दूध में बदबू, रंग में बदलाव और खट्टापन पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने लेकर दूध नष्ट कराया। चालक को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
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दौसा जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3000 लीटर संदिग्ध दूध से भरी एक पिकअप जब्त की है। जांच में दूध में बदबू, रंग में बदलाव और खट्टापन मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने उसे उपभोग के लिए अनुपयुक्त मानते हुए नष्ट करा दिया। मामले में पिकअप चालक को गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई नाकाबंदी
सलेमपुर थाना प्रभारी संतचरण ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लालसोट को मिली गुप्त सूचना के आधार पर तालचिड़ी क्षेत्र में नाकाबंदी की गई। इस दौरान एक पिकअप वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन में दो बड़ी सफेद प्लास्टिक की टंकियां, एक छोटी टंकी और दो नीले ड्रम मिले, जिनमें दूध जैसा सफेद पदार्थ भरा हुआ था। पूछताछ में चालक ने बताया कि वह यह दूध शेरगढ़ (बयाना) स्थित एक डेयरी प्लांट से लेकर आया था।
जांच में सामने आई गड़बड़ी
सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और टंकियों में भरे पदार्थ की जांच की। प्रारंभिक जांच में दूध से दुर्गंध आने, रंग में बदलाव और हल्का खट्टापन पाए जाने पर इसे संदिग्ध और मिलावटी माना गया। इसके बाद विभाग ने दूध के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए।
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चारागाह क्षेत्र में कराया गया निस्तारण
खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की मौजूदगी में बाढ़ा रोड स्थित चारागाह क्षेत्र में करीब 3000 लीटर दूध का निस्तारण कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह दूध आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता था। पुलिस ने पिकअप चालक तेजसिंह गुर्जर (29) निवासी शेरगढ़, जिला भरतपुर को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है और दूध के स्रोत तथा इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।