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Hanumangarh News: ‘खाला बनाओ या जवाब दो’, हनुमानगढ़ में टंकी पर चढ़े किसानों का हाई वोल्टेज प्रदर्शन, मचा बवाल

Mon, 11 May 2026 08:00 AM IST
हनुमानगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़ Published by: हनुमानगढ़ ब्यूरो Updated Mon, 11 May 2026 08:00 AM IST
सार

हनुमानगढ़ में सिंचाई पानी की कमी और जर्जर 602 खाला के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। प्रशासन पर वादा पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए तीन किसान गांव कुलचंद्र में पानी की टंकी पर चढ़ गए।

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hanumangarh farmers protest over 602 khala irrigation water crisis farmers climb water tank
गांव कुलचंद्र में पानी की टंकी पर चढ़े किसान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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हनुमानगढ़ में सिंचाई पानी की किल्लत और जर्जर 602 खाला के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन अब तेज हो गया है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई नहीं होने से नाराज तीन किसान रविवार शाम गांव कुलचंद्र में स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।हालांकि इस मुद्दे को लेकर सोमवार को महापंचायत बुलाई गई थी, लेकिन उससे पहले ही किसानों के टंकी पर चढ़ जाने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई।

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तीन किसान टंकी पर चढ़े, प्रशासन मौके पर पहुंचा

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जानकारी के अनुसार किसान अभिमन्यु झोरड़, रामकुमार भोभिया और दिनेश कुमार सहारण रविवार शाम करीब पांच बजे पानी की टंकी पर चढ़ गए। किसानों का कहना था कि लंबे समय से आंदोलन करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही टिब्बी थाना प्रभारी हंसराज लूणा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि देर शाम तक किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे।

602 खाला जर्जर होने से किसानों को नुकसान

किसानों का आरोप है कि 602 खाला पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसके कारण टेल क्षेत्र तक सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा। पानी की कमी से फसलें खराब हो रही हैं और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आंदोलन कर रहे किसानों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला।

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प्रशासन पर वादा पूरा नहीं करने का आरोप

संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि 27 अप्रैल को हुई महापंचायत में प्रशासनिक अधिकारियों ने 5 मई तक खाले को नकारा घोषित करने और 11 मई से पुनर्निर्माण कार्य शुरू करवाने का लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे किसानों में भारी नाराजगी फैल गई।

महापंचायत के लिए गांव-गांव संपर्क अभियान

आंदोलन को मजबूत करने के लिए किसान संघर्ष समिति ने रविवार को गांव-गांव जनसंपर्क अभियान भी चलाया। समिति ने सोमवार 11 मई को कुलचंद्र में आयोजित दूसरी विशाल किसान महापंचायत में अधिक से अधिक किसानों से पहुंचने की अपील की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। किसानों का कहना है कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

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