पटवारी भर्ती-2021 पेपर सॉल्वर गैंग: 18 महीने से फरार पटवारी गिरफ्तार, डमी अभ्यर्थी बैठाकर पास की थी परीक्षा
राजस्थान एसओजी ने पटवार भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी पाने वाली निलंबित पटवारी चुंकी बाई को 18 महीने बाद गिरफ्तार किया। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने 18 महीने से फरार चल रही निलंबित पटवारी चुंकी बाई को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले डेढ़ साल से लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रही थी।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि चुंकी बाई ने पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 में अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलवाई थी। इसके बाद उसका चयन पटवारी पद पर हुआ और उसकी नियुक्ति भरतपुर जिले के पटवार हल्का इंदू, कुम्हेर में कर दी गई थी। मामले की गोपनीय शिकायत मिलने पर एसओजी ने जांच शुरू की और वर्ष 2024 में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश तथा राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग) अधिनियम, 1992 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
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जांच में सामने आया कि 23 अक्टूबर 2021 को जयपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर चुंकी बाई की जगह डमी अभ्यर्थी ने परीक्षा दी थी। इसके लिए प्रवेश पत्र पर मूल और डमी अभ्यर्थी की मॉर्फ्ड फोटो लगाई गई तथा फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस के अनुसार, डमी अभ्यर्थी को परीक्षा देने के बदले 5 लाख रुपये नकद दिए गए थे।
एसओजी ने बताया कि मामले में डमी अभ्यर्थी छम्मी बाई उर्फ सम्मी उर्फ सुमिता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। वह तत्कालीन तृतीय श्रेणी अध्यापिका थी और वर्तमान में निलंबित है।
चुंकी बाई गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले 18 महीनों से डीग, भरतपुर और जालौर सहित विभिन्न स्थानों पर छिपकर रह रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर एसओजी की ओर से 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। लगातार तलाश के बाद एसओजी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
एसओजी अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले की जांच जारी है।