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राजस्थानी भाषा विभाग की मांग पर 9वें दिन भी अनशन, शुभम रेवाड़ अस्पताल में भी भूख हड़ताल पर
Fri, 31 Jul 2026 04:35 PM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Fri, 31 Jul 2026 04:35 PM IST
सार
राजस्थानी भाषा के नियमित विभाग की मांग को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ का नौवें दिन भी आमरण अनशन जारी है। पुलिस उन्हें एसएमएस अस्पताल लाई, लेकिन उन्होंने भूख हड़ताल जारी रखी।
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मेडिकल आईसीयू में शुभम रेवाड़
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मराठी भाषा अध्ययन केंद्र खोलने के आदेशों का विरोध और राजस्थानी भाषा का नियमित विभाग स्थापित करने की मांग को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ का आमरण अनशन जारी है। गुरुवार को उन्हें राजस्थान विश्वविद्यालय के बाहर से पुलिस जबरन उठाकर एसमएस अस्पताल ले गई। अमर उजाला से बातचीत में शुभम ने बताया कि उन्होंने अस्पताल में भी अपना अनशन जारी रखा है। बीते 9 दिनों से अनशन कर रहे शुभम रेवाड़ का अब तक 8 किलो वजन कम हो चुका है।
उन्होंने कहा कि हम शांतिपूर्ण अपनी आवाज उठा रहे थे लेकिन प्रशासन ने बलपूर्वक अनशन से उठाया और अस्पताल ले आए । शुभम को एसएमएस अस्पताल के मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया है और चिकित्सक उनके स्वास्थ्य का परिक्षण कर रहे है, बीते दिन भी डॉक्टरों की टीम अनशन स्थल पर पहुंची थी लेकिन शुभम ने जांच कराने से इनकार कर दिया था।
आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ का कहना है कि राज्यपाल महाराष्ट्र से आते हैं और राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा को बढ़ावा देने के आदेश जारी करते हैं, जबकि राजस्थान की मातृभाषा राजस्थानी के लिए आज तक नियमित विभाग स्थापित नहीं किए गए। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है, जबकि राजस्थानी भाषा के विद्यार्थी वर्षों से अपने विषय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजभवन की ओर से अध्ययन केंद्रों की घोषणा की जा रही है, जबकि तीन विश्वविद्यालयों में राजस्थानी से जुड़े विभाग भी मौजूद हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय में पहले से राजस्थानी अध्ययन केंद्र चल रहा है। छात्रों की मांग केवल अध्ययन केंद्र खोलने की नहीं, बल्कि राजस्थान विश्वविद्यालय में नियमित शैक्षणिक विभाग स्थापित करने, पाठ्यक्रम शुरू करने और स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करने की है, ताकि विद्यार्थी राजस्थानी भाषा का अध्ययन कर सकें।
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राज्यपाल ने दिए निर्देश
हाल ही में प्रदेश में राजस्थानी भाषा को लेकर चल रही बहस के बीच राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए थे।राजस्थानी भाषा के मुद्दे के साथ-साथ आंदोलनकारी छात्रों ने प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग भी उठाई है
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उन्होंने कहा कि हम शांतिपूर्ण अपनी आवाज उठा रहे थे लेकिन प्रशासन ने बलपूर्वक अनशन से उठाया और अस्पताल ले आए । शुभम को एसएमएस अस्पताल के मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया है और चिकित्सक उनके स्वास्थ्य का परिक्षण कर रहे है, बीते दिन भी डॉक्टरों की टीम अनशन स्थल पर पहुंची थी लेकिन शुभम ने जांच कराने से इनकार कर दिया था।
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आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेता शुभम रेवाड़ का कहना है कि राज्यपाल महाराष्ट्र से आते हैं और राजस्थान के विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा को बढ़ावा देने के आदेश जारी करते हैं, जबकि राजस्थान की मातृभाषा राजस्थानी के लिए आज तक नियमित विभाग स्थापित नहीं किए गए। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालयों में मराठी भाषा पढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है, जबकि राजस्थानी भाषा के विद्यार्थी वर्षों से अपने विषय के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजभवन की ओर से अध्ययन केंद्रों की घोषणा की जा रही है, जबकि तीन विश्वविद्यालयों में राजस्थानी से जुड़े विभाग भी मौजूद हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय में पहले से राजस्थानी अध्ययन केंद्र चल रहा है। छात्रों की मांग केवल अध्ययन केंद्र खोलने की नहीं, बल्कि राजस्थान विश्वविद्यालय में नियमित शैक्षणिक विभाग स्थापित करने, पाठ्यक्रम शुरू करने और स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति करने की है, ताकि विद्यार्थी राजस्थानी भाषा का अध्ययन कर सकें।
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राज्यपाल ने दिए निर्देश
हाल ही में प्रदेश में राजस्थानी भाषा को लेकर चल रही बहस के बीच राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने प्रदेश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए थे।राजस्थानी भाषा के मुद्दे के साथ-साथ आंदोलनकारी छात्रों ने प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग भी उठाई है