Jaipur: रेल मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'ब्लैकआउट' पर तगड़ा एक्शन, 2 कर्मचारी निलंबित, अधिकारी को चार्जशीट
जयपुर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली गुल होने के मामले में कार्रवाई हुई है। हीरापुरा ग्रिड ट्रिपिंग की जांच के बाद दो इंजीनियर निलंबित और एक अधिकारी को चार्जशीट दी गई।
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जयपुर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीन बार बिजली गुल होने के मामले में राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम (आरवीपीएन) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक अधिकारी को चार्जशीट जारी की गई है।
11 जून को भाजपा प्रदेश कार्यालय में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान हीरापुरा स्थित 400 केवी ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) में ट्रिपिंग हो गई। इसके कारण जयपुर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी तीन बार बिजली चली गई। करीब 13 मिनट तक कार्यक्रम प्रभावित रहा और रेल मंत्री को बीच-बीच में अंधेरे में ही मीडिया से बात करनी पड़ी।
घटना के बाद ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने पर 400 केवी जीएसएस हीरापुरा में तैनात सहायक अभियंता (एईएन) विपिन वर्मा और इलेक्ट्रीशियन प्रथम बाबू सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं जयपुर सिटी के अधीक्षण अभियंता आर.पी. गुप्ता को चार्जशीट जारी कर जवाब मांगा गया है। निगम का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों और जिम्मेदारी तय होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
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निगम ने निलंबित दोनों कर्मचारियों का मुख्यालय अतिरिक्त मुख्य अभियंता (आईटी) कार्यालय, जयपुर निर्धारित किया है। सस्पेंशन अवधि के दौरान दोनों वहीं संबद्ध रहेंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि बिजली प्रसारण व्यवस्था में लापरवाही और बार-बार होने वाली ट्रिपिंग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को ग्रिड व्यवस्था मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए हैं।मंत्री ने कहा कि बिजली व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।