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LPG Crisis: सांगानेर प्रिंटिंग उद्योग पर गैस संकट की मार, एक लाख रोजगार पर खतरा; उत्पादन ठप होने की कगार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Himanshu Priyadarshi
Updated Tue, 17 Mar 2026 08:19 PM IST
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सार
Rajasthan LPG Crisis: सांगानेर प्रिंटिंग उद्योग गैस संकट से जूझ रहा है, जिससे उत्पादन घटकर 10 लाख से 2 लाख मीटर रह गया। एक लाख रोजगार प्रभावित हैं। उद्योग ठप होने की कगार पर है और प्रशासन से जल्द गैस आपूर्ति बहाल करने की मांग उठी है।
सांगानेर प्रिंटिंग उद्योग पर गैस संकट की मार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर में सांगानेर प्रिंटिंग उद्योग इन दिनों गंभीर गैस संकट का सामना कर रहा है। राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश में गहराए एलपीजी संकट का असर अब इस प्रमुख टेक्सटाइल हब पर साफ दिखाई दे रहा है। गैस की भारी कमी के कारण रंगाई-छपाई इकाइयों का संचालन प्रभावित हो गया है और उद्योग ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।
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उत्पादन में भारी गिरावट
सांगानेर प्रिंटिंग इंडस्ट्री में करीब 1,000 रंगाई और छपाई इकाइयां संचालित होती हैं, जो पूरी तरह कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर हैं। इन इकाइयों को प्रतिदिन लगभग 3,000 सिलिंडरों की आवश्यकता होती है, लेकिन सप्लाई बाधित होने से उत्पादन तेजी से गिरा है। जहां सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 10 लाख मीटर कपड़े की प्रिंटिंग होती थी, वहीं अब यह घटकर करीब 2 लाख मीटर रह गई है।
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मशीनें ठप, कामकाज प्रभावित
फैक्ट्रियों में उपयोग होने वाली फ्लैट-बेल्ट प्रिंटिंग मशीनें एलपीजी के बिना संचालित नहीं हो सकतीं। इसके साथ ही कपड़े को सुखाने की प्रक्रिया भी पूरी तरह गैस पर निर्भर है। गैस आपूर्ति में कमी के कारण कई इकाइयों में मशीनें बंद पड़ी हैं, जबकि जो इकाइयां चल रही हैं, वे भी सीमित समय के लिए ही काम कर पा रही हैं। आधे से अधिक कारखाने बंद होने की स्थिति में पहुंच चुके हैं।
मजदूरों पर सबसे अधिक असर
इस संकट का सबसे अधिक प्रभाव मजदूरों पर पड़ा है। कई कारीगर पिछले चार से पांच दिनों से बेरोजगार बैठे हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो उन्हें रोजगार की तलाश में अन्य स्थानों की ओर पलायन करना पड़ सकता है। फैक्टरी मालिकों ने भी संकेत दिए हैं कि वे सीमित समय तक ही मजदूरों को वेतन दे पाएंगे, इसके बाद छंटनी की स्थिति बन सकती है।
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आर्थिक नुकसान और अनिश्चितता
उद्योग से जुड़े संगठनों के अनुसार, जो इकाइयां अभी संचालित हैं, वे भी गैस की कमी के कारण आधे दिन ही काम कर पा रही हैं। रुक-रुक कर हो रहे काम से कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है और रोजाना करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
वैश्विक कारणों का असर
जानकारों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में इस्राइल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते एलपीजी की वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। आयात में कमी आने का सीधा असर अब सांगानेर जैसे बड़े टेक्सटाइल केंद्रों पर देखने को मिल रहा है।
सांगानेर एनवायरो प्रोजेक्ट डेवलपमेंट के अध्यक्ष प्रवीण शाह ने प्रशासन से जल्द गैस आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो यह संकट उद्योग के लिए गंभीर रूप ले सकता है।
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