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PBM Hospital News: बीकानेर किडनी फेल केस में दवाएं जांच के घेरे में, PBM अस्पताल से 27 सैंपल उठाए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 11 Jun 2026 04:43 PM IST
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सार

बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामलों के बाद औषधि नियंत्रक विभाग ने 27 दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। कोटा में पहले ऑक्सीटोसिन सैंपल फेल मिलने के बाद इस दवा पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

PBM Hospital Under Scanner: 27 Drug Samples Sent for Testing After Kidney Failure Cases
ड्रग कंट्रोलर, अजय फाटक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

 बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं के किडनी फेल होने के मामलों के बाद अब जांच का फोकस इलाज में इस्तेमाल हुई दवाओं पर आ गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रक आयुक्तालय ने अस्पताल से 27 प्रकार की दवाओं के सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता जांच शुरू कर दी है।

ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने बताया कि लिए गए सैंपलों में ऑक्सीटोसिन, पेन किलर, आईवी फ्लूड्स और ऑपरेशन थिएटर में नियमित रूप से इस्तेमाल होने वाली अन्य दवाएं शामिल हैं। सभी सैंपलों को परीक्षण के लिए जयपुर और कोलकाता स्थित प्रयोगशालाओं में भेजा गया है।

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अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूताओं की किडनी फेल होने की घटनाओं में दवाओं की गुणवत्ता या किसी विशेष बैच की कोई भूमिका रही या नहीं।

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कोटा केस के बाद बढ़ी निगरानी

इससे पहले कोटा में सामने आए समान मामलों में भी दवाओं की जांच कराई गई थी। वहां अस्पताल से 27 दवाओं के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 26 दवाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गईं, जबकि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का एक सैंपल जांच में फेल हो गया था।

लैब रिपोर्ट में सामने आया था कि संबंधित इंजेक्शन में अपेक्षित ऑक्सीटोसिन तत्व मौजूद नहीं था। इसके बाद आयुक्तालय ने संबंधित बैच की बिक्री और उपयोग पर रोक लगाते हुए राज्यभर के अस्पतालों, मेडिकल स्टोर्स और वितरकों को अलर्ट जारी किया था।

ऑक्सीटोसिन पर विशेष नजर

कोटा की रिपोर्ट को देखते हुए बीकानेर मामले में भी ऑक्सीटोसिन समेत अन्य महत्वपूर्ण दवाओं को जांच के दायरे में रखा गया है। विभाग का उद्देश्य यह पता लगाना है कि उपचार प्रक्रिया, दवा की गुणवत्ता या किसी अन्य चिकित्सीय कारण का इन मामलों से कोई संबंध है या नहीं।

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