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Jaipur News: जयपुर में हुआ काव्य उत्सव, कवियों की रचनाओं ने किया मंत्रमुग्ध
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:51 PM IST
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सार
जयपुर में आयोजित ‘काव्य उत्सव’ में देश के प्रमुख कवियों ने अपनी कविताओं और नज़्मों के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामायण की शिक्षाओं, लोकतांत्रिक व्यंग और युवाओं की समकालीन सोच पर आधारित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण दिया।
काव्य उत्सव में कविता मंचन करते देश के विख्यात कवि
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विस्तार
राजधानी जयपुर में साहित्य और संवेदनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला जब ‘काव्य उत्सव’ का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में देश के प्रख्यात कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामायण की शिक्षाओं, लोकतांत्रिक व्यंग और युवाओं की समकालीन सोच पर आधारित कविताओं और नज़्मों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया।
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राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
काव्य उत्सव की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई, जिसमें सभी अतिथि और उपस्थित लोग शामिल हुए। इसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। पृष्ठभूमि में सरस्वती वंदना और मंगल संगीत ने वातावरण को आध्यात्मिक और गरिमामय बना दिया।
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प्रमुख कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियां
कार्यक्रम को खास बनाने में अशोक चक्रधर, संजय झाला (सूत्रधार), शकील आज़मी, कुंवर रणजीत चौहान, आलोक श्रीवास्तव और अज़्म शाकिरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन कवियों की सशक्त अभिव्यक्ति और प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों को बार-बार तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
सामाजिक और नैतिक संदेशों का समावेश
काव्य उत्सव में सामाजिक मुद्दों, लोकतंत्र की विडंबनाओं और युवाओं की सोच को बेहद प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। रामायण के प्रसंगों के माध्यम से जीवन मूल्यों और नैतिकता का संदेश भी दिया गया। इस प्रकार कार्यक्रम ने न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्धि दी बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को भी नई ऊर्जा प्रदान की।