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जैसलमेर में पकड़ाया पाकिस्तानी एजेंट! दुकान की आड़ में सेना और BSF पर रखता था नजर, पाकिस्तान भेजता था जानकारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jun 2026 09:47 PM IST
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सार
Jaipur: राजस्थान इंटेलिजेंस ने जैसलमेर के नाचना क्षेत्र से मुस्ताक अली नामक एक संदिग्ध युवक को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि वह पिछले दो वर्षों से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था और सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों की गतिविधियों से जुड़ी सूचनाएं साझा कर रहा था।
जासूस मुस्ताक अली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान इंटेलिजेंस ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में कार्रवाई करते हुए जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुस्ताक अली पुत्र नबी बक्श (26) निवासी हिगोला की ढाणी, खारिया, पुलिस थाना नाचना, जिला जैसलमेर के रूप में हुई है। उस पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों के लिए जासूसी करने का आरोप है।
संदिग्ध गतिविधियों ने खींचा इंटेलिजेंस का ध्यान
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि राजस्थान में पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसियों की गतिविधियों पर सीआईडी इंटेलिजेंस लगातार निगरानी रखती है। इसी दौरान मुस्ताक अली की गतिविधियां संदिग्ध पाए जाने पर उसकी निगरानी शुरू की गई। जांच में सामने आया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के हैंडलर्स के निरंतर संपर्क में था।
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जयपुर पूछताछ केंद्र में खुलने लगे राज
प्राप्त जानकारी के आधार पर संदिग्ध को जयपुर स्थित केंद्रीय पूछताछ केंद्र लाया गया, जहां विभिन्न खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों ने उससे संयुक्त रूप से पूछताछ की। उसके मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि आरोपी पिछले लगभग दो वर्षों से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।
दुकान की आड़ में सेना और बीएसएफ पर नजर रखने का आरोप
इंटेलिजेंस अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसे भारत-पाक सीमा की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर दुकान संचालित करने का टास्क दिया था। आरोप है कि आरोपी दुकान की आड़ में बीएसएफ और भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रखता था। वह सुरक्षा बलों की आवाजाही से जुड़े वीडियो और फोटो बनाकर अपने पाकिस्तानी संपर्कों को भेजता था।
पैसों के बदले साझा करता था संवेदनशील सूचनाएं
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित रूप से धनराशि के बदले राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं भी एकत्रित कर साझा कर रहा था। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर सामरिक महत्व की सूचनाएं विदेशी एजेंसी को उपलब्ध कराने के पर्याप्त प्रमाण मिले हैं।
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ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मामला दर्ज
राजस्थान इंटेलिजेंस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 (Official Secrets Act) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं। मामले की जांच जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।