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डमी परीक्षार्थियों से दिलवाई परीक्षा, 15 लाख में हुआ था सौदा; SOG ने चयनित अभ्यर्थी समेत दो को किया गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jun 2026 09:37 AM IST
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सार
राजस्थान लोक सेवा आयोग की प्राध्यापक (हिंदी) भर्ती परीक्षा-2022 में डमी परीक्षार्थियों के जरिए चयन हासिल करने के मामले में SOG ने चयनित अभ्यर्थी दलपत लाल मीणा और बिचौलिये रुकमकेश मीणा को गिरफ्तार किया है।
हिन्दी प्राध्यापक भर्ती-2022 पेपर फर्जीवाड़े में चयनित अभ्यर्थी दलपत लाल और बिचौलिये रुकमकेश
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की प्राध्यापक हिंदी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 में डमी परीक्षार्थियों के माध्यम से चयन हासिल करने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद चयनित अभ्यर्थी और एक बिचौलिये को गिरफ्तार किया गया है। मामले में अन्य डमी परीक्षार्थियों और सहयोगियों की तलाश जारी है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में एसओजी थाना में दर्ज प्रकरण संख्या 36/2024 की जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि सवाई माधोपुर जिले के बौंली थाना क्षेत्र के कोडयाई गांव निवासी दलपत लाल मीणा ने स्वयं परीक्षा देने के बजाय डमी परीक्षार्थियों के जरिए परीक्षा दिलवाकर चयन प्राप्त किया था।
फोटो और जन्मतिथि में भी की गई हेराफेरी
एसओजी जांच में यह भी सामने आया कि 15 अक्टूबर 2022 को आयोजित परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी के उपस्थिति प्रपत्र में छेड़छाड़ की गई थी। ऑनलाइन आवेदन पत्र में अपलोड की गई मूल फोटो के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर प्रिंट करवाई गई। इतना ही नहीं, पहचान छिपाने के लिए अभ्यर्थी की जन्मतिथि 15 जुलाई 1986 से बदलकर 15 जुलाई 1997 कर दी गई थी, ताकि सत्यापन के दौरान गड़बड़ी पकड़ी न जा सके।
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15 लाख रुपये में हुआ था पूरा सौदा
जांच के अनुसार, करौली जिले के सपोटरा क्षेत्र के भंवरपुरा निवासी रुकमकेश मीणा ने दलपत लाल मीणा का चयन कराने के लिए पूरी डील करवाई थी। वर्तमान में रुकमकेश मीणा उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है। एसओजी के मुताबिक दोनों के बीच कुल 15 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। यह राशि अलग-अलग स्थानों पर नकद रूप में दी गई थी।
ये भी पढ़ें- Rajasthan Monsoon 2026: मानसून की रफ्तार सुस्त, अगले दो सप्ताह सामान्य से कम बारिश के संकेत; उमस और गर्मी भी बढ़ाएगी परेशानी
दो गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
एसओजी ने स्थायी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर दलपत लाल मीणा और रुकमकेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान भर्ती घोटाले से जुड़े अन्य लोगों और डमी परीक्षार्थियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, मामले में शामिल दो डमी परीक्षार्थियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य बिचौलियों और आरोपियों की संलिप्तता भी जांच के दायरे में है। एसओजी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में धोखाधड़ी करने वाले पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (SOG) विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में एसओजी थाना में दर्ज प्रकरण संख्या 36/2024 की जांच की जा रही है। जांच में सामने आया कि सवाई माधोपुर जिले के बौंली थाना क्षेत्र के कोडयाई गांव निवासी दलपत लाल मीणा ने स्वयं परीक्षा देने के बजाय डमी परीक्षार्थियों के जरिए परीक्षा दिलवाकर चयन प्राप्त किया था।
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फोटो और जन्मतिथि में भी की गई हेराफेरी
एसओजी जांच में यह भी सामने आया कि 15 अक्टूबर 2022 को आयोजित परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी के उपस्थिति प्रपत्र में छेड़छाड़ की गई थी। ऑनलाइन आवेदन पत्र में अपलोड की गई मूल फोटो के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर प्रिंट करवाई गई। इतना ही नहीं, पहचान छिपाने के लिए अभ्यर्थी की जन्मतिथि 15 जुलाई 1986 से बदलकर 15 जुलाई 1997 कर दी गई थी, ताकि सत्यापन के दौरान गड़बड़ी पकड़ी न जा सके।
15 लाख रुपये में हुआ था पूरा सौदा
जांच के अनुसार, करौली जिले के सपोटरा क्षेत्र के भंवरपुरा निवासी रुकमकेश मीणा ने दलपत लाल मीणा का चयन कराने के लिए पूरी डील करवाई थी। वर्तमान में रुकमकेश मीणा उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है। एसओजी के मुताबिक दोनों के बीच कुल 15 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। यह राशि अलग-अलग स्थानों पर नकद रूप में दी गई थी।
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दो गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
एसओजी ने स्थायी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर दलपत लाल मीणा और रुकमकेश मीणा को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान भर्ती घोटाले से जुड़े अन्य लोगों और डमी परीक्षार्थियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, मामले में शामिल दो डमी परीक्षार्थियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य बिचौलियों और आरोपियों की संलिप्तता भी जांच के दायरे में है। एसओजी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में धोखाधड़ी करने वाले पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।