Commercial LPG price Hike: राजस्थान में भी कॉमर्शियल सिलिंडर 993 रुपये महंगा, नई कीमत 3099 रुपये; सब प्रभावित
Commercial LPG price Hike: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच एलपीजी कीमतों में भारी उछाल आया है। राजस्थान में 19 किलो कॉमर्शियल सिलिंडर 993 रुपए महंगा होकर 3099 रुपए पहुंच गया। छोटू सिलिंडर भी 241 रुपये बढ़ा है, जबकि घरेलू गैस की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित संघर्ष की आशंकाओं का असर अब भारत में एलपीजी की कीमतों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। गुरुवार रात पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा की गई समीक्षा के बाद कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
राजस्थान में 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत में 993 रुपए की भारी बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद इसकी कीमत 2106 रुपए से बढ़कर 3099 रुपए हो गई है। इस अचानक बढ़ोतरी से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों और छोटे व्यापारियों पर सीधा आर्थिक दबाव बढ़ेगा, क्योंकि ये वर्ग बड़े पैमाने पर कॉमर्शियल सिलिंडरों पर निर्भर रहते हैं। राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में तेजी को देखते हुए कंपनियों ने यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
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केवल बड़े सिलिंडर ही नहीं, बल्कि छोटे उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए बाजार में उपलब्ध 5 किलोग्राम वाले “छोटू सिलिंडर” की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। इस सिलिंडर पर 241 रुपए का इजाफा हुआ है। पहले जहां यह 592 से 616 रुपए में मिलता था, वहीं अब इसकी कीमत बढ़कर 833 से 857 रुपए तक पहुंच गई है। इससे प्रवासी मजदूरों, छात्रों और निम्न आय वर्ग के लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि, आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह सिलिंडर अभी भी 916.50 रुपए में उपलब्ध है।
अगर इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो कॉमर्शियल सिलिंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। 31 दिसंबर को इसकी कीमत 1669 रुपए थी, जो 1 मई तक बढ़कर 3099 रुपए हो गई है। यानी सिर्फ चार महीनों में कुल 1490 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है। जनवरी में 111 रुपए, फरवरी में 49.50 रुपए, मार्च में 141.50 रुपए और अप्रैल में 195 रुपए की बढ़ोतरी पहले ही हो चुकी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बना रहता है, तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिसका असर आम आदमी से लेकर व्यापार जगत तक सभी पर पड़ेगा।
