Jaisalmer: बचपन में छूटा पिता का साया तो मां ने पढ़ाया, बेटी ने हासिल किए 98%; शिक्षक के बेटे ने भी किया कमाल
Jaisalmer: राजस्थान बोर्ड 10वीं के परिणाम में 94.23% कुल सफलता दर के साथ छात्राओं ने फिर बाजी मारी। जैसलमेर क्षेत्र के कई विद्यार्थियों कुंती कंवर, रितिका चौधरी, पुखराज और सानू कुमारी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शानदार अंक हासिल कर संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायक मिसाल पेश की।
विस्तार
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं का परीक्षा परिणाम घोषित होते ही पूरे प्रदेश में खुशी और उत्साह का माहौल है। 24 मार्च 2026 को जारी हुए इस परिणाम में कुल पास प्रतिशत 94.23% दर्ज किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है। इस बार भी छात्राओं ने बाजी मारते हुए 94.20% सफलता दर हासिल की, जबकि 93.63% छात्र उत्तीर्ण हुए। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि प्रदेश में बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। इस परीक्षा परिणाम की घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने की। रिजल्ट जारी होते ही कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आईं, जिनमें संघर्ष, मेहनत और सफलता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
संघर्ष के बीच चमकी कुंती कंवर की सफलता
जैसलमेर जिले के रामदेवरा क्षेत्र की रहने वाली कुंती कंवर ने 98.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कुंती की कहानी बेहद भावुक और प्रेरणादायक है। बचपन में ही पिता खींवसिंह तंवर का साया सिर से उठ गया, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई। मां ने मजदूरी कर बेटी की पढ़ाई जारी रखी। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद कुंती ने हार नहीं मानी और दिन-रात मेहनत कर यह मुकाम हासिल किया। वह बीआरवीएम स्कूल, रामदेवरा की छात्रा हैं।
रितिका ने भी दिखाया शानदार प्रदर्शन
इसी क्षेत्र की रितिका चौधरी ने 98.67 प्रतिशत अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रितिका के पिता मोहनलाल चौधरी व्यवसायी हैं और उन्होंने अपनी बेटी की शिक्षा में पूरा सहयोग दिया। रितिका भी बीआरवीएम स्कूल की छात्रा हैं और उनका परिणाम स्कूल के लिए गर्व का विषय बना है।
देवलपुरा के पुखराज की उपलब्धि
जैसलमेर जिले के देवलपुरा गांव के छात्र पुखराज ने 98.50 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। पुखराज श्री करणी विद्या मंदिर, पोकरण के विद्यार्थी हैं। उनके पिता सरकारी स्कूल में शिक्षक हैं, जिससे उन्हें पढ़ाई का अच्छा वातावरण मिला। खास बात यह रही कि पुखराज ने हिंदी और संस्कृत विषयों में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जो उनकी विषयों पर मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
सब्जी बेचने वाले की बेटी सानू बनी मिसाल
सानू कुमारी की सफलता भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। सानू ने 97.33 प्रतिशत अंक हासिल किए। उनके पिता सब्जी विक्रेता हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। बावजूद इसके सानू ने अपनी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। सीमित संसाधनों में भी उन्होंने लगातार मेहनत की और शानदार परिणाम हासिल किया। सानू श्री करणी विद्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, पोकरण की छात्रा हैं।
बेटियों ने फिर साबित किया अपना दम
इस बार के परिणाम में यह साफ देखने को मिला कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। चाहे वह आर्थिक तंगी हो, पारिवारिक जिम्मेदारियां हों या संसाधनों की कमी इन सबके बावजूद छात्राओं ने अपने हौसले और मेहनत से सफलता की नई कहानी लिखी है।
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शिक्षा के बदलते परिदृश्य की झलक
RBSE का यह परिणाम न केवल छात्रों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह प्रदेश में शिक्षा के बढ़ते स्तर और जागरूकता को भी दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
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