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जैसलमेर में गैस एजेंसी पर बड़ा एक्शन: अनियमितताओं के आरोप में गोदाम सीज, प्रशासन की छापेमारी से मचा हड़कंप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर Published by: जैसलमेर ब्यूरो Updated Sun, 15 Mar 2026 09:42 AM IST
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सार

LPG Crisis: जैसलमेर में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर वितरण में अनियमितताओं की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने औचक निरीक्षण कर भारत गैस एजेंसी के गोदाम को सीज कर दिया। जांच में रिकॉर्ड, स्टॉक और वितरण में गड़बड़ियां मिलीं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

Major irregularities in gas distribution exposed in Jaisalmer, Bharat Gas Agency warehouse seized
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजस्थान के जैसलमेर जिले में व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलिंडरों के वितरण में अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों और गैस आपूर्ति में गड़बड़ियों की आशंकाओं के बीच प्रशासन की टीम ने औचक निरीक्षण कर भारत गैस एजेंसी के एक गोदाम को सीज कर दिया। यह कार्रवाई कलेक्टर प्रताप सिंह के निर्देश पर की गई।

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जानकारी के अनुसार सायरा फोर्ट होटल के पास स्थित जैसलमेर भारत गैस एजेंसी के गोदाम में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के वितरण को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद जिला रसद विभाग की टीम ने मौके पर ही गोदाम को सीज करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी। प्रशासन की इस कार्रवाई से गैस एजेंसियों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं में भी हड़कंप मच गया।
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शिकायतों के बाद प्रशासन हुआ सतर्क
जिले में पिछले कुछ समय से कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की उपलब्धता और वितरण को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। वहीं अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने रसद विभाग को गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी और जांच के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद जिला रसद अधिकारी रामसिंह मीणा के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने सायरा होटल के सामने स्थित भारत गैस एजेंसी के गोदाम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड, स्टॉक और वितरण से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई।

जांच में सामने आईं कई गंभीर खामियां
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले। जांच में पाया गया कि एजेंसी द्वारा राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी करते हुए जिला प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना ही व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी गई थी। नियमों के अनुसार ऐसी आपूर्ति प्रशासन की अनुमति के बाद ही की जा सकती है। इसके अलावा उपभोक्ताओं से संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों में भी कई खामियां पाई गईं।

जांच में सामने आया कि कई उपभोक्ताओं का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं था और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिखाई दी। गेट पास, बिलिंग और वितरण रजिस्टर की जांच के दौरान भी कई गड़बड़ियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार कई मामलों में गोदाम में मौजूद सिलिंडरों की संख्या और उनके वितरण से जुड़े रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। कुछ दस्तावेजों में जानकारी अधूरी थी, जबकि कुछ प्रविष्टियों को लेकर फर्जीवाड़े की आशंका भी जताई गई। इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए टीम ने तत्काल प्रभाव से गोदाम को सीज करने की कार्रवाई की।

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प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
जिला रसद अधिकारी रामसिंह मीणा ने बताया कि जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों का वितरण अब पूरी तरह जिला प्रशासन की निगरानी में ही किया जाएगा। बिना अनुमति किसी भी एजेंसी को कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति करने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं के हितों से खिलवाड़ और सरकारी नियमों की अवहेलना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि भविष्य में किसी भी एजेंसी द्वारा इस तरह की अनियमितता पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

घरेलू गैस आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा असर
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई का घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जिले में घरेलू एलपीजी सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं की बुकिंग के अनुसार नियमित रूप से होम डिलीवरी जारी रहेगी। रसद विभाग का कहना है कि गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

जांच टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
इस कार्रवाई के दौरान गठित जांच दल में जिला रसद अधिकारी रामसिंह मीणा के साथ प्रवर्तन अधिकारी मुरारी लाल और प्रवर्तन निरीक्षक खेतेन्द्र सिंह चौधरी भी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर दस्तावेजों की जांच कर पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल गोदाम सीज किए जाने के बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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