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Rajasthan: स्वतंत्रता दिवस से पहले बीएसएफ का 'ऑपरेशन अलर्ट' शुरू, जैसलमेर सीमा पर सुरक्षा का कड़ा पहरा
Mon, 10 Aug 2026 03:05 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Mon, 10 Aug 2026 03:05 PM IST
सार
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर जैसलमेर से लगी भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ ने 17 अगस्त तक विशेष 'ऑपरेशन अलर्ट' शुरू किया है। सीमा चौकियों पर जवानों की नफरी बढ़ाने के साथ ऊंट और पैदल गश्त तेज कर दी गई है।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
स्वतंत्रता दिवस पर सीमा पार से होने वाली किसी भी नापाक गतिविधि, घुसपैठ और तस्करी की आशंका को देखते हुए भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने सोमवार से विशेष 'ऑपरेशन अलर्ट' शुरू किया है। जैसलमेर से सटी सरहद पर सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक मजबूत कर दी गई है। 17 अगस्त तक चलने वाले इस रणनीतिक अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से संपन्न कराना है।
जवानों का हौसले बुलंद
रेगिस्तानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी और थार की धूलभरी हवाओं के बावजूद जवानों का हौसला बुलंद है। सीमा सुरक्षा बल ने अपनी नहरी और रेतीले टीलों वाली अग्रिम चौकियों पर जवानों की नफरी दोगुनी कर दी है। पारंपरिक रूप से ऊंटों पर गश्त के साथ ही पैदल गश्त को भी कई गुना बढ़ाया गया है। रात के समय सीमा पार की हलचल पर नजर रखने के लिए नाइट विजन डिवाइस, हैंड-हेल्ड थर्मल इमेजर और हाईटेक ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारी खुद अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं और 24 घंटे निगरानी जारी है।
सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी और तलाशी
अभियान के तहत केवल जीरो लाइन ही नहीं, बल्कि सीमा से लगे गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर जगह-जगह नाकेबंदी की गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहन जांच की जा रही है।
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ये भी पढ़ें- जयपुर में कांग्रेस का हल्लाबोल, पुलिस ने चलाई वाटर कैनन; खाचरियावास का भजनलाल सरकार पर हमला
सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने ग्रामीणों और सरपंचों से बातचीत कर किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनजान व्यक्ति के दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है।
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जवानों का हौसले बुलंद
रेगिस्तानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी और थार की धूलभरी हवाओं के बावजूद जवानों का हौसला बुलंद है। सीमा सुरक्षा बल ने अपनी नहरी और रेतीले टीलों वाली अग्रिम चौकियों पर जवानों की नफरी दोगुनी कर दी है। पारंपरिक रूप से ऊंटों पर गश्त के साथ ही पैदल गश्त को भी कई गुना बढ़ाया गया है। रात के समय सीमा पार की हलचल पर नजर रखने के लिए नाइट विजन डिवाइस, हैंड-हेल्ड थर्मल इमेजर और हाईटेक ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारी खुद अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं और 24 घंटे निगरानी जारी है।
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सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी और तलाशी
अभियान के तहत केवल जीरो लाइन ही नहीं, बल्कि सीमा से लगे गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। जिला पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर जगह-जगह नाकेबंदी की गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की गहन जांच की जा रही है।
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सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने ग्रामीणों और सरपंचों से बातचीत कर किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनजान व्यक्ति के दिखाई देने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है।