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Jaisalmer News: भादवा मेले से पहले रामदेवरा रेलवे स्टेशन बनेगा अत्याधुनिक, 18.84 करोड़ से हो रहा बड़ा बदलाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
Published by: जैसलमेर ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2026 06:41 PM IST
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सार
सिरोही जिले के भटाना गांव की 31 वर्षीय सीए कोमल जैन ने आईसीआईसीआई बैंक मैनेजर पद छोड़कर 6 मई को जैन दीक्षा लेने का निर्णय लिया। धार्मिक आस्था, संयम जीवन और आध्यात्मिक प्रेरणा उनके फैसले का मुख्य कारण है।
रामदेवरा स्टेशन पर तेज हुआ पुनर्विकास कार्य
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थल में स्थित लोकआस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक रामदेवरा धाम अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था को अपने आंचल में समेटने वाला यह स्थल जल्द ही आधुनिक सुविधाओं से लैस एक अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन के रूप में भी पहचान बनाने जा रहा है।
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दरअसल, उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने रामदेवरा रेलवे स्टेशन के व्यापक पुनर्विकास का कार्य तेज कर दिया है। करीब 18.84 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना के तहत स्टेशन को न केवल आधुनिक रूप दिया जा रहा है, बल्कि इसे श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुविधाओं की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।
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हाल ही में इस प्रोजेक्ट के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। स्टेशन पर 12 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) के लिए गर्डर लॉन्चिंग का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह कार्य तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है और इसके पूरा होने से परियोजना की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।
यह फुट ओवर ब्रिज यात्रियों के लिए बेहद अहम साबित होगा, क्योंकि वर्तमान में प्लेटफॉर्म के बीच आवाजाही के दौरान भीड़ और अव्यवस्था की समस्या बनी रहती है, खासकर मेलों और त्योहारों के समय।
बाबा रामदेवजी के प्रति देशभर में गहरी श्रद्धा है। हर वर्ष भादवा माह में आयोजित होने वाला विशाल मेला लाखों श्रद्धालुओं को यहां खींच लाता है। राजस्थान ही नहीं, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तर भारत के कई राज्यों से भक्त यहां पहुंचते हैं। बाबा रामदेवजी को सामाजिक समरसता, समानता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि रामदेवरा धाम पर हर वर्ग, हर जाति और हर समुदाय के लोग एक साथ श्रद्धा के साथ मत्था टेकते हैं।
लेकिन श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या के सामने मौजूदा रेलवे स्टेशन की सीमित सुविधाएं अक्सर कम पड़ जाती थीं। सिर्फ दो प्लेटफॉर्म वाले इस स्टेशन पर भीड़ के दौरान यात्रियों को काफी असुविधा झेलनी पड़ती थी। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए इस स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य छोटे और मध्यम स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ना है।
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पुनर्विकास के बाद यहां यात्रियों को कई नई और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, जिनमें विशाल और सुसज्जित वेटिंग हॉल, स्वच्छ व आधुनिक शौचालय, रिटायरिंग रूम, फूड प्लाजा और बेहतर खानपान व्यवस्था, व्यवस्थित पार्किंग, दिव्यांगजन के लिए विशेष सुविधाएं इसके अलावा स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर, ब्रेल साइनेज, मुफ्त वाई-फाई और उन्नत पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे यात्रियों को तकनीकी रूप से बेहतर अनुभव मिल सके।
रेलवे प्रशासन इस परियोजना को केवल बुनियादी सुविधाओं तक सीमित नहीं रख रहा है। स्टेशन के सौंदर्यीकरण में स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और बाबा रामदेवजी की आस्था से जुड़े प्रतीकों को भी शामिल किया जाएगा। इससे स्टेशन एक सांस्कृतिक पहचान भी स्थापित करेगा, जो यात्रियों को यहां के आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ सके। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गर्डर लॉन्चिंग के बाद अब शेष निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएगी। पूरी परियोजना को जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि आगामी भादवा मेले से पहले श्रद्धालुओं को नई सुविधाओं का लाभ मिल सके।
पुनर्विकास के बाद रामदेवरा रेलवे स्टेशन केवल एक साधारण रेलवे स्टेशन नहीं रहेगा, बल्कि यह आस्था, आधुनिकता और सुविधाओं का संगम बनकर उभरेगा। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद रामदेवरा आने वाले श्रद्धालुओं का अनुभव पहले से कहीं अधिक सुगम, सुरक्षित और यादगार होगा।