Jhalawar: पड़ोस की बच्ची की हत्या कर उतारीं चांदी की कड़ियां, अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
झालावाड़ में चार वर्षीय चंचल की चांदी की कड़ियां लूटने के लिए हत्या करने वाली पड़ोसी महिला तरूणाबाई को अदालत ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में 24 गवाहों और 48 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर फैसला हुआ।
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झालवाड़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक सुरोलिया ने चार वर्षीय मासूम चंचल की हत्या के बहुचर्चित मामले में दोषी महिला तरूणाबाई पत्नी रामकरण, निवासी गेहरपुरा, थाना भवानीमंडी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार, महिला ने चार साल की बालिका की हत्या उसके पैरों में पहनी चांदी की कड़ियां लूटने के लिए की थी। मृतका चंचल आरोपी की पड़ोसी थी।
लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 8 मई 2022 को फरियादी लक्ष्मीनारायण मेहर, निवासी मेहरपुरा, थाना भवानीमंडी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उसकी भांजी की शादी 9 मई को थी। शादी की खरीदारी के लिए परिवार भवानीमंडी गया हुआ था, जबकि उसकी पत्नी खेत स्थित कुएं पर गई थी। घर पर बड़ी बेटी संगीता और चार वर्षीय चंचल थीं।
शाम करीब सात बजे परिवार घर लौटा तो पता चला कि चंचल दोपहर करीब तीन बजे घर के बाहर खेलते-खेलते लापता हो गई। परिजनों ने गांव और आसपास उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद भवानीमंडी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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पुलिस जांच के दौरान गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सामने आया कि आरोपी तरूणाबाई ने बालिका की हत्या करने के बाद उसके पैरों से चांदी की कड़ियां निकाल ली थीं। आरोपी का घर भी मृतका के पड़ोस में था। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मृतका की दोनों चांदी की कड़ियां बरामद कर लीं।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी करते हुए 24 गवाहों के बयान और 48 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तरूणाबाई को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।