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Rajasthan: पांच लाख खेत में गाड़कर भूला किसान; बुवाई के समय निकला थैला तो उड़े होश, नोटों को चट कर गई दीमक
Mon, 10 Aug 2026 10:46 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Mon, 10 Aug 2026 10:46 PM IST
सार
बालोतरा के पचपदरा निवासी किसान मांगीलाल मेघवाल ने कुछ महीने पहले जमीन बेचकर मिले 5 लाख रुपये परिवार से छिपाकर खेत में दबा दिए थे। बाद में उन्हें जगह याद नहीं रही और कई दिनों तक तलाश के बावजूद पैसे नहीं मिले।
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किसान के पैसों में लगे दीमक
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जोधपुर में एक किसान ने अपने खेत में पांच लाख रुपये का थैला छिपाकर रखा था, लेकिन वह भूल गया कि उसने उसे कहां छिपाया था। बुवाई के मौसम में खेत जोतते समय उसे वह थैला मिला। किसान ने बताया कि नकदी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी और उसने सारे पैसे खो दिए। पचपदरा निवासी मांगीलाल मेघवाल ने शुक्रवार को नकदी से भरा पॉलिथीन निकाले तो हैरान रह गए। नोटों में दीमक लग चुके थे।
बैंक ने जयपुर जाने की सलाह दी
बालोतरा में किसान ने बताया कि नकदी क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली। उन्होंने बताया कि नोटों के सीरियल नंबर मिट गए हैं और स्थानीय बैंक शाखा ने उन्हें मुद्रा बदलने के लिए जयपुर जाने की सलाह दी है। मांगीलाल ने दावा किया कि उन्होंने कुछ महीने पहले जमीन का एक टुकड़ा बेचा था और 5 लाख रुपये प्राप्त किए थे। वह इस पैसे का इस्तेमाल अपनी जमीन पर एक कमरा बनाने के लिए करना चाहते थे। अपने परिवार के सदस्यों द्वारा नकदी चोरी होने या खर्च किए जाने के डर से मेघवाल ने अपनी पत्नी और बेटों को बिना बताए पैसे को पॉलिथीन के थैले में भरकर अपने खेत में गड्ढे में दबा दिया था।
ये भी पढ़ें- एक और बेटी बनी मिसाल: पिता के निधन के बाद नौ साल की रोहिणी को बांधी गई पगड़ी, सदियों पुरानी परंपरा टूटी
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बुवाई के दौरान मिले पैसे
बाद में उन्हें वह सही जगह याद नहीं आ रही थी, जहां उन्होंने पैसे गाड़े थे। उन्होंने कई दिनों तक अपने करीब 10 बीघा खेत में पैसे की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद मेघवाल ने अपनी पत्नी और बेटों को दबे हुए पैसों के बारे में बताया। परिवार ने भी तलाशी में हिस्सा लिया, लेकिन उन्हें भी पैसे नहीं मिले और आखिरकार उन्होंने हार मान ली। हाल ही में हुई बारिश के बाद जब परिवार ने बुवाई की तैयारी शुरू की, तब पैसे मिले। शुक्रवार को ट्रैक्टर से खेत की जुताई करते समय दबा हुआ पॉलिथीन का थैला सतह पर आ गया।
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बैंक ने जयपुर जाने की सलाह दी
बालोतरा में किसान ने बताया कि नकदी क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली। उन्होंने बताया कि नोटों के सीरियल नंबर मिट गए हैं और स्थानीय बैंक शाखा ने उन्हें मुद्रा बदलने के लिए जयपुर जाने की सलाह दी है। मांगीलाल ने दावा किया कि उन्होंने कुछ महीने पहले जमीन का एक टुकड़ा बेचा था और 5 लाख रुपये प्राप्त किए थे। वह इस पैसे का इस्तेमाल अपनी जमीन पर एक कमरा बनाने के लिए करना चाहते थे। अपने परिवार के सदस्यों द्वारा नकदी चोरी होने या खर्च किए जाने के डर से मेघवाल ने अपनी पत्नी और बेटों को बिना बताए पैसे को पॉलिथीन के थैले में भरकर अपने खेत में गड्ढे में दबा दिया था।
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बुवाई के दौरान मिले पैसे
बाद में उन्हें वह सही जगह याद नहीं आ रही थी, जहां उन्होंने पैसे गाड़े थे। उन्होंने कई दिनों तक अपने करीब 10 बीघा खेत में पैसे की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद मेघवाल ने अपनी पत्नी और बेटों को दबे हुए पैसों के बारे में बताया। परिवार ने भी तलाशी में हिस्सा लिया, लेकिन उन्हें भी पैसे नहीं मिले और आखिरकार उन्होंने हार मान ली। हाल ही में हुई बारिश के बाद जब परिवार ने बुवाई की तैयारी शुरू की, तब पैसे मिले। शुक्रवार को ट्रैक्टर से खेत की जुताई करते समय दबा हुआ पॉलिथीन का थैला सतह पर आ गया।