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Shahpura News: शेरपुर में फिर भड़का सात साल पुराना विवाद, खूनी संघर्ष में कई घायल, इलाके में फैली दहशत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहपुरा
Published by: कोटपुतली ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 05:05 PM IST
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सार
शेरपुर में जमीन विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष
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विस्तार
शाहपुरा के शेरपुर क्षेत्र में वर्षों पुराना जमीनी विवाद एक बार फिर हिंसक रूप ले बैठा। दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष में कई लोग घायल हो गए, जिसके बाद इलाके में तनाव और भय का माहौल बन गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह जमीन को लेकर यह विवाद वर्ष 2017 से चला आ रहा है लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें दीं लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से विवाद लगातार बढ़ता गया और अब फिर हिंसक रूप में सामने आया है।
परिवार के अनुसार वे न्याय की उम्मीद में कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट चुके हैं। उनका आरोप है कि मामले में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध रही, जिसके कारण शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़ित पक्ष ने कहा कि यदि शुरुआती दौर में निष्पक्ष कार्रवाई होती तो आज हालात इतने खराब नहीं होते।
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ये भी पढ़ें: राजस्थान हाईकोर्ट का फैसला; भ्रष्टाचार में दोषी साबित होने पर भी नहीं रोक सकते पेंशन, RSRTC के आदेश पर रोक
ताजा घटनाक्रम में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। संघर्ष के दौरान लाठी-डंडों का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से विवाद की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने स्थायी समाधान निकालने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों के मुताबिक यदि समय रहते सख्ती दिखाई जाती तो खूनी संघर्ष जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।
घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह जमीन को लेकर यह विवाद वर्ष 2017 से चला आ रहा है लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाया। परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें दीं लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से विवाद लगातार बढ़ता गया और अब फिर हिंसक रूप में सामने आया है।
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परिवार के अनुसार वे न्याय की उम्मीद में कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट चुके हैं। उनका आरोप है कि मामले में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध रही, जिसके कारण शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़ित पक्ष ने कहा कि यदि शुरुआती दौर में निष्पक्ष कार्रवाई होती तो आज हालात इतने खराब नहीं होते।
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ग्रामीणों ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से विवाद की जानकारी होने के बावजूद प्रशासन ने स्थायी समाधान निकालने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों के मुताबिक यदि समय रहते सख्ती दिखाई जाती तो खूनी संघर्ष जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।
घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।