Rajasthan: पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर भड़के सांसद रोत; कहा- ये निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है
सांसद राजकुमार रोत ने प्रधानमंत्री के लाल किले से ‘दिमागी नक्सली’ शब्द के इस्तेमाल को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से सवाल करने वालों को नक्सली बताया जा रहा है। रोत ने मानगढ़ धाम और आदिवासी समाज को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा।
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स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री के संबोधन में 'दिमागी नक्सली' शब्द का इस्तेमाल किए जाने को बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद राजकुमार रोत ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है बांसवाड़ा के सर्किट हाउस में सोमवार को सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि भाजपा ने देश में ऐसा नैरेटिव और माहौल बना रखा है कि जो भी भाजपा के खिलाफ बोले, उसे दिमागी नक्सली कहा जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार होने के कारण लोकतंत्र में हर पार्टी और व्यक्ति उससे सवाल करेगा कि भ्रष्टाचार क्यों हो रहा है और गलतियां क्यों की जा रही हैं।
पीएम मोदी का बयान विवादित
सांसद रोत ने कहा कि लाल किले से 'दिमागी नक्सली' शब्द का इस्तेमाल करना प्रधानमंत्री का विवादित बयान है। इससे यह साबित होता है कि भाजपा से सवाल करने वाले लोगों को दिमागी नक्सली बताने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले भी देश के विभिन्न राज्यों में आदिवासी समुदाय को नक्सलवादी बताकर बदनाम किया जाता रहा है।
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देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण
रोत ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री और भाजपा ने लाल किले से यह संदेश देने की कोशिश की कि जो भी भाजपा से सवाल करेगा, उसे दिमागी नक्सली कहा जाएगा। उन्होंने इसे निंदनीय और देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
आदिवासियों को वोट बैंक मानने का आरोप
सांसद ने कहा कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित नहीं करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि 1500 से अधिक आदिवासियों की शहादत को भाजपा सम्मान नहीं दे पाई तो कम से कम उसे प्रमाणिकता पर सवाल उठाकर अपमानित नहीं करना चाहिए था। रोत ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस आदिवासी अंचल में आदिवासियों को सिर्फ अपना वोट बैंक माना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और मध्य प्रदेश का आदिवासी समाज भाजपा की रीति-नीति को समझ चुका है और आने वाले समय में इसका जवाब देगा।