LPG Crisis: नागौर में गैस एजेंसी पर फर्जीवाड़े के आरोप, उपभोक्ता के नाम पर सिलिंडर उठाकर कालाबाजारी की आशंका
Rajasthan LPG Crisis: नागौर में गैस एजेंसी पर उपभोक्ता के नाम पर फर्जी सिलिंडर उठाने और कालाबाजारी के आरोप लगे हैं। प्रशासन ने जांच शुरू की है। रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की आशंका के बीच दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित को राहत देने का आश्वासन दिया गया है।
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विस्तार
नागौर जिले में एलपीजी गैस वितरण व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक गैस एजेंसी पर उपभोक्ता के नाम पर फर्जी सिलिंडर उठाने और कालाबाजारी करने के आरोप लगे हैं। इस घटना के बाद उपभोक्ताओं में आक्रोश देखने को मिल रहा है और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
उपभोक्ता की शिकायत और आरोप
जोधियासी गांव निवासी सुरेश कुमार राकांवत ने अपनी एचपी गैस एजेंसी ‘नागौर गैस सर्विस’, शिव बाड़ी नागौर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी उनके कनेक्शन के माध्यम से बिना जानकारी और सहमति के लगातार फर्जी तरीके से सिलिंडर उठाती रही है, जिससे उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है।
रिकॉर्ड में फर्जी डिलीवरी का खुलासा
सुरेश कुमार के अनुसार उन्होंने आखिरी बार 25 नवंबर 2025 को गैस सिलिंडर लिया था। इसके बाद वर्ष 2026 में उन्होंने कोई बुकिंग नहीं करवाई, फिर भी उनके नाम पर हर महीने सिलिंडर डिलीवर दिखाया जा रहा है। 16 फरवरी 2026 और 16 मार्च 2026 को बुकिंग के प्रयास के दौरान भी सिस्टम में पहले से डिलीवरी दर्ज मिली। आरोप है कि एजेंसी ने कस्टमर आईडी में बदलाव कर एक फर्जी ईमेल आईडी जोड़ दी है, जिससे बुकिंग और डिलीवरी का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
परिवार पर असर और कालाबाजारी की आशंका
इस पूरे मामले से प्रभावित परिवार को रसोई गैस नहीं मिलने के कारण दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सुरेश कुमार ने आशंका जताई है कि इस तरह की फर्जी डिलीवरी के माध्यम से सिलिंडरों को काले बाजार में बेचा जा रहा है, जहां उनका उपयोग अधिक कीमत पर किया जा रहा है।
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प्रशासन की कार्रवाई और जांच
जिला रसद अधिकारी अंकित पचार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में गैस कालाबाजारी और फर्जीवाड़े के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। हाल ही में गठित दो विशेष टीमों द्वारा 325 अवैध गैस सिलिंडर जब्त किए गए हैं और डेह रोड पर एक अवैध गैस एजेंसी का भी भंडाफोड़ किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार एजेंसी के रिकॉर्ड, डिजिटल लॉग, ईमेल आईडी और डिलीवरी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने और आपराधिक मुकदमा दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित उपभोक्ता को गैस आपूर्ति बहाल करने और मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
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