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Rajasthan News: सरकार की चुपी खतरनाक, अब लड़ाई पूरे प्रदेश की, एसआई पेपर लीक प्रकरण पर बोले हनुमान बेनीवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: नागौर ब्यूरो
Updated Sun, 22 Jun 2025 10:47 PM IST
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सार
SI भर्ती परीक्षा रद्द की मांग पर जयपुर में धरने पर बैठे सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि पेपर लीक और घोटालों पर सरकार की चुप्पी खतरनाक है। अगर, मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन दिल्ली की ओर बढ़ेगा।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल धरनास्थल पर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयपुर के शहीद स्मारक पर एसआई भर्ती रद्द प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार पर हमला। उन्होंने कहा कि हम यह भर्ती रद्द करवाने के लिए पिछले दो महीने से धरना दे रहे है। अब युवाओं और छात्रों को न्याय दिलाने की यह लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। बेनीवाल ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. राकेश विश्नोई की आत्महत्या हो या 2021 की SI भर्ती परीक्षा में हुआ घोटाला, हर मामले में राजस्थान सरकार की भूमिका संवेदनहीन और टालमटोल वाली रही है।
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दरअसल, SI भर्ती-2021 परीक्षा को रद्द करवाने की मांग को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल पिछले दो महीने से जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे हुए हैं। बेनीवाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य को लेकर किसी भी तरह से संवेदनशील नहीं दिख रही है। वह इन गंभीर मुद्दों को केवल टाल रही है। बेनीवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार के संस्थागत उत्पीड़न के कारण एक होनहार डॉक्टर को जान गंवानी पड़ी, तब भी सरकार पूरी तरह चुप रही। जब सड़कों पर विरोध शुरू हुआ, तब जाकर कहीं न्याय मिला। उन्होंने कहा कि "पेपर लीक, नकल गिरोह की संलिप्तता और फर्जी अभ्यर्थियों की भागीदारी जैसे गंभीर आरोप सिद्ध होने के बावजूद सरकार भर्ती को रद्द नहीं कर रही है। इससे साफ होता है कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।
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RPSC भरोसे के संकट से गुजर रही
बेनीवाल ने कहा कि RPSC जैसी पवित्र संवैधानिक संस्था अब भरोसे के संकट से गुजर रही है। इसके पुनर्गठन के बिना किसी भी भर्ती में पारदर्शिता की उम्मीद नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को समझना होगा कि जब जनभावनाओं की अनदेखी होती है तो उसकी कीमत सत्ता को चुकानी पड़ती है। यह सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है, न युवाओं को समय पर नौकरी मिल रही है, न किसानों को राहत, और न छात्रों को न्याय। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर, SI भर्ती परीक्षा को रद्द करवाने के लिए सरकार ने निर्णायक कदम नहीं उठाया तो यह आंदोलन अब दिल्ली की ओर बढ़ेगा। पूरे देश में इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।