पंचायत-निकाय चुनाव: अलवर नगर निगम के 65 वार्डों का आरक्षण तय, लॉटरी के बाद चुनावी समीकरण बदले
अलवर नगर निगम के 65 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी सोमवार को मिनी सचिवालय में जिला कलेक्टर की मौजूदगी में हुई। एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग के लिए वार्ड आरक्षित किए गए। आरक्षण तय होने के बाद चुनावी दावेदारों की तैयारियां तेज होंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलवर नगर निगम चुनाव को लेकर सोमवार को मिनी सचिवालय में वार्डों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की गई। जिला कलेक्टर की मौजूदगी में लॉटरी निकाली गई। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और नगर निगम से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई गई।
लॉटरी के बाद अलवर नगर निगम के 65 वार्डों के आरक्षित और अनारक्षित वर्ग की स्थिति स्पष्ट हो गई है। इनमें अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और महिला वर्ग के लिए अलग-अलग वार्ड आरक्षित किए गए हैं।
आरक्षण सूची के अनुसार वार्ड नंबर 1, 2 और 3 अनारक्षित ओपन रखे गए हैं। वार्ड 4 एससी महिला, 5 एससी ओपन, 10 एससी महिला और 11 एससी ओपन है। इसी तरह वार्ड 15 एससी महिला, 26 एससी ओपन, 40 एससी महिला, 41, 42 और 44 एससी ओपन निर्धारित किए गए हैं। ओबीसी वर्ग में वार्ड 16, 17, 28, 30, 35, 38, 46, 51 और 60 ओबीसी ओपन हैं। वहीं वार्ड 34, 47, 54 और 62 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। एसटी वर्ग के लिए वार्ड 29 एसटी ओपन और वार्ड 37 एसटी महिला निर्धारित किया गया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में वार्ड अनारक्षित ओपन और अनारक्षित महिला वर्ग में रखे गए हैं।
पढे़ं: पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सली' वाले बयान पर भड़के सांसद रोत; कहा- ये निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है
आरक्षण की लॉटरी के बाद अब संभावित पार्षद प्रत्याशियों की चुनावी तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। जिन वार्डों में आरक्षण बदला है, वहां लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदारों के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। राजनीतिक दल भी आरक्षण की स्थिति के अनुसार वार्ड स्तर पर नए सिरे से रणनीति बनाने में जुटेंगे।
मिनी सचिवालय में हुई लॉटरी प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस, भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने पूरी प्रक्रिया देखी। वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद अलवर नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी हलचल और तेज होने की संभावना है।