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Rajasthan Budget 2026: जयपुर, कोटा समेत जानें इन प्रमुख जिलों को बजट में क्या मिला खास? ग्राफिक्स से समझें सब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Wed, 11 Feb 2026 07:17 PM IST
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सार
राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये के इस बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 41.39 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। करीब तीन घंटे तक चले बजट भाषण में किसानों, महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई है। चलिए जानते हैं जयपुर, कोटा, अजमेर समेत प्रमुख शहरों को क्या मिला है?
Rajasthan Budget 2026
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विस्तार
राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये के इस बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 41.39 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यहां आपको बता रहे हैं प्रदेश के प्रमुख जिले जयपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर समेत जोधपुर को क्या मिला है?
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जयपुर के विकास को मिलेगी रफ्तार, ट्रैफिक, ड्रेनेज व स्वास्थ्य सुविधाओं पर बड़ा निवेश
राज्य सरकार ने बजट में राजधानी जयपुर के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्त बनाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैफिक सिग्नल, चौराहों, जंक्शनों और प्रमुख सड़कों का सुधार कार्य कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तहत किया जाएगा। बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।
शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में जयपुर के साइंस पार्क में स्पेस गैलरी और चिल्ड्रन गैलरी की स्थापना की जाएगी। वहीं, महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय में 100 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट स्थापित किया जाएगा, जहां मानसिक रोगियों की काउंसलिंग और उपचार एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा।
जे.के. लोन अस्पताल में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड क्षमता का नया IPD टॉवर बनाया जाएगा। इसके अलावा, RUHS में 200 बेड का पीडियाट्रिक ICU वार्ड और ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जयपुर की नई सेंट्रल जेल भवन का भी विस्तार किया जाएगा। जयपुर डेयरी (सरस) के उत्पादों का विस्तार करते हुए अब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में भी नए आउटलेट खोले जाएंगे। साथ ही, शहर में पर्यावरण संरक्षण के तहत एक ऑक्सीजन ज़ोन विकसित किया जाएगा, जहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर लघु वन क्षेत्र तैयार किया जाएगा।
राज्य सरकार ने बजट में राजधानी जयपुर के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्त बनाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की लागत से ट्रैफिक सिग्नल, चौराहों, जंक्शनों और प्रमुख सड़कों का सुधार कार्य कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP) के तहत किया जाएगा। बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा।
शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में जयपुर के साइंस पार्क में स्पेस गैलरी और चिल्ड्रन गैलरी की स्थापना की जाएगी। वहीं, महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय में 100 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल में सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट स्थापित किया जाएगा, जहां मानसिक रोगियों की काउंसलिंग और उपचार एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा।
जे.के. लोन अस्पताल में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड क्षमता का नया IPD टॉवर बनाया जाएगा। इसके अलावा, RUHS में 200 बेड का पीडियाट्रिक ICU वार्ड और ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जयपुर की नई सेंट्रल जेल भवन का भी विस्तार किया जाएगा। जयपुर डेयरी (सरस) के उत्पादों का विस्तार करते हुए अब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में भी नए आउटलेट खोले जाएंगे। साथ ही, शहर में पर्यावरण संरक्षण के तहत एक ऑक्सीजन ज़ोन विकसित किया जाएगा, जहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर लघु वन क्षेत्र तैयार किया जाएगा।
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जे.के. लोन अस्पताल में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड क्षमता का नया IPD टॉवर बनाया जाएगा। इसके अलावा, RUHS में 200 बेड का पीडियाट्रिक ICU वार्ड और ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जयपुर की नई सेंट्रल जेल भवन का भी विस्तार किया जाएगा। जयपुर डेयरी (सरस) के उत्पादों का विस्तार करते हुए अब दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में भी नए आउटलेट खोले जाएंगे। साथ ही, शहर में पर्यावरण संरक्षण के तहत एक ऑक्सीजन ज़ोन विकसित किया जाएगा, जहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कर लघु वन क्षेत्र तैयार किया जाएगा।
Jodhpur News
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जोधपुर में स्वास्थ्य, जलापूर्ति और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार
राज्य सरकार ने चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के तहत जयपुर, जोधपुर, बीकानेर सहित बड़े शहरों के अस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट के ठहरने के लिए धर्मशालाओं के निर्माण की घोषणा की है। इन पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अस्पताल में मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को घर तक निशुल्क पहुंचाने के लिए मोक्षवाहिनी योजना शुरू की जाएगी। नगर निगम जयपुर और जोधपुर में पीपीपी मोड पर बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। जोधपुर, जयपुर, अलवर और उदयपुर में नए केंद्रीय कारागृह भवनों का निर्माण होगा।
शहरों में वर्तमान 48 घंटे की जलापूर्ति अंतराल को कम करने के लिए पंपलाइन और जलाशयों का निर्माण किया जाएगा। इस पर 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उद्योगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए नई राजस्थान जल नीति लागू की जाएगी, जिससे जोधपुर को भी लाभ मिलेगा। डीएमआईसी के तहत जोधपुर-पाली मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र में 3,600 हेक्टेयर भूमि विकसित की जाएगी। सभी संभागीय मुख्य सड़कों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और पार्किंग कार्य कराए जाएंगे। जोधपुर में स्टेट रिमोट सेंसिंग केंद्र पर स्पेस गैलरी बनाई जाएगी। बालोतरा सहित अन्य स्थानों पर 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर किया जाएगा। टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई आरआईपीएस (RIPS) नीति और अन्य प्रोत्साहन सुविधाएं लागू की जाएंगी।
राज्य सरकार ने चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के तहत जयपुर, जोधपुर, बीकानेर सहित बड़े शहरों के अस्पतालों में मरीजों के अटेंडेंट के ठहरने के लिए धर्मशालाओं के निर्माण की घोषणा की है। इन पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अस्पताल में मृत्यु होने पर पार्थिव शरीर को घर तक निशुल्क पहुंचाने के लिए मोक्षवाहिनी योजना शुरू की जाएगी। नगर निगम जयपुर और जोधपुर में पीपीपी मोड पर बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। जोधपुर, जयपुर, अलवर और उदयपुर में नए केंद्रीय कारागृह भवनों का निर्माण होगा।
शहरों में वर्तमान 48 घंटे की जलापूर्ति अंतराल को कम करने के लिए पंपलाइन और जलाशयों का निर्माण किया जाएगा। इस पर 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उद्योगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए नई राजस्थान जल नीति लागू की जाएगी, जिससे जोधपुर को भी लाभ मिलेगा। डीएमआईसी के तहत जोधपुर-पाली मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र में 3,600 हेक्टेयर भूमि विकसित की जाएगी। सभी संभागीय मुख्य सड़कों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और पार्किंग कार्य कराए जाएंगे। जोधपुर में स्टेट रिमोट सेंसिंग केंद्र पर स्पेस गैलरी बनाई जाएगी। बालोतरा सहित अन्य स्थानों पर 1,000 करोड़ रुपये की लागत से सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर किया जाएगा। टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नई आरआईपीएस (RIPS) नीति और अन्य प्रोत्साहन सुविधाएं लागू की जाएंगी।
Ajmer News
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अजमेर के लिए जल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा में व्यापक विकास की घोषणा
सरकार नए टेक्नो हब स्थापित करेगी। अजमेर सहित विभिन्न शहरों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लैब विकसित की जाएंगी, जिन पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अजमेर डिस्कॉम सेंटर को बिजली तंत्र की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एआई से जोड़ा जाएगा।
अजमेर और जयपुर सहित विभिन्न शहरों में 1,020 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज कार्य होंगे। सभी संभाग मुख्यालयों को सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा, जिसके तहत फ्लाईओवर, अंडरपास और पार्किंग कार्य कराए जाएंगे। जयपुर के 1,000 करोड़ रुपये के प्रावधान सहित इस पर कुल 2,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 600 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। समर कंटीजेंसी के तहत प्रत्येक जिला कलेक्टर को 1-1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। शिक्षा क्षेत्र में ऑनलाइन एग्जाम सेंटर स्थापित किए जाएंगे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी। सड़क निर्माण के लिए नॉन-पैचेबल सड़कों पर 1,400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों पर 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले वर्ष 250 अटल प्रगति पथ परियोजनाओं के तहत 500 करोड़ रुपये के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
सरकार नए टेक्नो हब स्थापित करेगी। अजमेर सहित विभिन्न शहरों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए लैब विकसित की जाएंगी, जिन पर 30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अजमेर डिस्कॉम सेंटर को बिजली तंत्र की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए एआई से जोड़ा जाएगा।
अजमेर और जयपुर सहित विभिन्न शहरों में 1,020 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज कार्य होंगे। सभी संभाग मुख्यालयों को सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा, जिसके तहत फ्लाईओवर, अंडरपास और पार्किंग कार्य कराए जाएंगे। जयपुर के 1,000 करोड़ रुपये के प्रावधान सहित इस पर कुल 2,300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 600 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। समर कंटीजेंसी के तहत प्रत्येक जिला कलेक्टर को 1-1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। शिक्षा क्षेत्र में ऑनलाइन एग्जाम सेंटर स्थापित किए जाएंगे और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना की जाएगी। सड़क निर्माण के लिए नॉन-पैचेबल सड़कों पर 1,400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों पर 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले वर्ष 250 अटल प्रगति पथ परियोजनाओं के तहत 500 करोड़ रुपये के कार्य हाथ में लिए जाएंगे। बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
Kota News
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कोटा संभाग को मिली विकास की सौगात
राज्य सरकार ने बजट में कोटा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लिए आधारभूत ढांचे, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। कोटा में नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी से युक्त नया टेक्नो हब स्थापित किया जाएगा। जैविक कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ऑर्गेनिक फूड मार्केट की स्थापना होगी। मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में विश्रामगृह और अटल आरोग्य फूड कोर्ट बनाए जाएंगे। नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा के विशेष कार्य कराए जाएंगे।
महिला एवं बाल शक्ति संकुल, रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब में साइबर फॉरेंसिक डिवीजन, पीपीपी मोड पर स्मार्ट पार्किंग और नॉइस मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थापना की जाएगी। वन्य जीवों के उपचार के लिए स्पेशलाइज्ड सेंटर खोला जाएगा। कोटा विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा शोध पीठ स्थापित की जाएगी तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) ट्रेनिंग सेंटर शुरू होगा।
एमबीएस अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए जाएंगे और लाडपुरा में 75 बेड का नया अस्पताल खोला जाएगा। सुभाष नगर में आयुर्वेदिक औषधालय, चिल्ड्रंस होम के लिए भवन और विभिन्न स्थानों पर नई पुलिस चौकियां स्थापित होंगी। कोटा ग्रामीण में साइबर पुलिस थाना खोला जाएगा। रामगंजमंडी और लाडपुरा में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। सुभाष नगर में 132 केवी जीएसएस का निर्माण होगा। शहर में फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे, जिनमें कोटड़ी ग्रेट से बड़ तिराहे तक फ्लाईओवर (38 करोड़) और झालावाड़ रोड पर अंडरपास (20 करोड़) शामिल हैं।
राज्य सरकार ने बजट में कोटा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लिए आधारभूत ढांचे, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। कोटा में नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नोलॉजी से युक्त नया टेक्नो हब स्थापित किया जाएगा। जैविक कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ऑर्गेनिक फूड मार्केट की स्थापना होगी। मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में विश्रामगृह और अटल आरोग्य फूड कोर्ट बनाए जाएंगे। नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा के विशेष कार्य कराए जाएंगे।
महिला एवं बाल शक्ति संकुल, रीजनल फॉरेंसिक साइंस लैब में साइबर फॉरेंसिक डिवीजन, पीपीपी मोड पर स्मार्ट पार्किंग और नॉइस मॉनिटरिंग स्टेशन की स्थापना की जाएगी। वन्य जीवों के उपचार के लिए स्पेशलाइज्ड सेंटर खोला जाएगा। कोटा विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा शोध पीठ स्थापित की जाएगी तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) ट्रेनिंग सेंटर शुरू होगा।
एमबीएस अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर बनाए जाएंगे और लाडपुरा में 75 बेड का नया अस्पताल खोला जाएगा। सुभाष नगर में आयुर्वेदिक औषधालय, चिल्ड्रंस होम के लिए भवन और विभिन्न स्थानों पर नई पुलिस चौकियां स्थापित होंगी। कोटा ग्रामीण में साइबर पुलिस थाना खोला जाएगा। रामगंजमंडी और लाडपुरा में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। सुभाष नगर में 132 केवी जीएसएस का निर्माण होगा। शहर में फ्लाईओवर और अंडरपास निर्माण पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे, जिनमें कोटड़ी ग्रेट से बड़ तिराहे तक फ्लाईओवर (38 करोड़) और झालावाड़ रोड पर अंडरपास (20 करोड़) शामिल हैं।
सिंचाई और जल परियोजनाएं
चंबल दायी मुख्य नहर से पानी लेकर आलनिया बांध क्षेत्र के 36 गांवों की 2,716 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की दबावयुक्त सिंचाई प्रणाली विकसित की जाएगी। रामगंजमंडी क्षेत्र में 5,000 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र बढ़ाने के लिए वितरण तंत्र तैयार किया जाएगा।
दीगोद, सांगोद और लाडपुरा क्षेत्रों में नहरों के जीर्णोद्धार, फ्लड डायवर्जन, सुरक्षा दीवार, एनीकेट, नाला निर्माण और बाढ़ सुरक्षा के विभिन्न कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। सौर ऊर्जा आधारित चंद्रावला माइक्रो सिंचाई परियोजना का द्वितीय चरण भी शुरू होगा। वहीं, पीपीपी मोड पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। विभिन्न कस्बों और नगर पालिकाओं में सड़कों, नालों और संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण के कार्य होंगे। सांगोद में ‘अटल वन’ विकसित किया जाएगा।
शिक्षा और न्यायिक ढांचा
इटावा-पीपल्दा में खेल स्टेडियम का निर्माण होगा। इटावा और सांगोद में नए न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इन घोषणाओं से कोटा संभाग में औद्योगिक, शहरी और ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
चंबल दायी मुख्य नहर से पानी लेकर आलनिया बांध क्षेत्र के 36 गांवों की 2,716 हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने के लिए 100 करोड़ रुपये की दबावयुक्त सिंचाई प्रणाली विकसित की जाएगी। रामगंजमंडी क्षेत्र में 5,000 हेक्टेयर सिंचित क्षेत्र बढ़ाने के लिए वितरण तंत्र तैयार किया जाएगा।
दीगोद, सांगोद और लाडपुरा क्षेत्रों में नहरों के जीर्णोद्धार, फ्लड डायवर्जन, सुरक्षा दीवार, एनीकेट, नाला निर्माण और बाढ़ सुरक्षा के विभिन्न कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे। सौर ऊर्जा आधारित चंद्रावला माइक्रो सिंचाई परियोजना का द्वितीय चरण भी शुरू होगा। वहीं, पीपीपी मोड पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। विभिन्न कस्बों और नगर पालिकाओं में सड़कों, नालों और संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण के कार्य होंगे। सांगोद में ‘अटल वन’ विकसित किया जाएगा।
शिक्षा और न्यायिक ढांचा
इटावा-पीपल्दा में खेल स्टेडियम का निर्माण होगा। इटावा और सांगोद में नए न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इन घोषणाओं से कोटा संभाग में औद्योगिक, शहरी और ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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उदयपुर संभाग को बड़ी सौगातें: जेल, बायो पार्क, फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर और सिग्नल फ्री शहर की घोषणा
राज्य बजट में उदयपुर जिले और संभाग को कई महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। उदयपुर में नवीन केंद्रीय कारागृह भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही संभाग मुख्यालय को सिग्नल फ्री बनाने की दिशा में कार्य किए जाएंगे। शहर में बाढ़ सुरक्षा को लेकर भी विशेष परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। उदयपुर के अस्पताल में मरीजों और परिजनों की सुविधा के लिए विश्राम गृह का निर्माण होगा। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। नवगठित सलूंबर जिले में जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार की स्थापना की घोषणा की गई है। साथ ही सलूंबर में पंचायतीराज विभाग के नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। उदयपुर संभाग के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ में कुंभा बायो पार्क विकसित किया जाएगा। वहीं बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (एफटीओ) की स्थापना की जाएगी।
राज्य बजट में उदयपुर जिले और संभाग को कई महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। उदयपुर में नवीन केंद्रीय कारागृह भवन का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही संभाग मुख्यालय को सिग्नल फ्री बनाने की दिशा में कार्य किए जाएंगे। शहर में बाढ़ सुरक्षा को लेकर भी विशेष परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। उदयपुर के अस्पताल में मरीजों और परिजनों की सुविधा के लिए विश्राम गृह का निर्माण होगा। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। नवगठित सलूंबर जिले में जिला सहकारी उपभोक्ता भंडार की स्थापना की घोषणा की गई है। साथ ही सलूंबर में पंचायतीराज विभाग के नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। उदयपुर संभाग के अंतर्गत चित्तौड़गढ़ में कुंभा बायो पार्क विकसित किया जाएगा। वहीं बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (एफटीओ) की स्थापना की जाएगी।
Bikaner News
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बीकानेर में सभी शहरी निकायों में स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी
बीकानेर में प्रदेश में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नए सोलर पार्क स्थापित किए जाएंगे। सभी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, ताकि क्रॉसिंग समाप्त हो सकें। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल में अत्याधुनिक विश्राम गृह बनाया जाएगा। थार सांस्कृतिक सर्किट विकसित किया जाएगा, जिसमें बीकानेर को शामिल किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कें और पुल बनाए जाएंगे। अगले वर्ष 15 नए रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज का निर्माण होगा। हाईवे पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रदेशभर में 2 हजार कैमरे लगाए जाएंगे। सभी शहरी निकायों में स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी।
नशा मुक्ति और कौशल विकास
नशे के खिलाफ ‘राज सवेरा’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत नशा प्रभावित युवाओं के उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। राज्य सरकार ने बजट के माध्यम से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया है।
बीकानेर में प्रदेश में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नए सोलर पार्क स्थापित किए जाएंगे। सभी रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाए जाएंगे, ताकि क्रॉसिंग समाप्त हो सकें। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध पीबीएम अस्पताल में अत्याधुनिक विश्राम गृह बनाया जाएगा। थार सांस्कृतिक सर्किट विकसित किया जाएगा, जिसमें बीकानेर को शामिल किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कें और पुल बनाए जाएंगे। अगले वर्ष 15 नए रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज का निर्माण होगा। हाईवे पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रदेशभर में 2 हजार कैमरे लगाए जाएंगे। सभी शहरी निकायों में स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएंगी।
नशा मुक्ति और कौशल विकास
नशे के खिलाफ ‘राज सवेरा’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत नशा प्रभावित युवाओं के उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रत्येक जिले में इंडस्ट्री पार्टनर्स के सहयोग से प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। राज्य सरकार ने बजट के माध्यम से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया है।