Jaipur: RCA में घमासान! पूर्व कन्वीनर डीडी कुमावत को 24 लाख की रिकवरी नोटिस, बोले- बदले की राजनीति हो रही
Jaipur: राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी ने पूर्व कन्वीनर डीडी कुमावत को 24 लाख रुपए की रिकवरी नोटिस जारी की है। आरोप है कि कुमावत ने अपने कार्यकाल में अधिवक्ताओं को कानूनी फीस के रूप में संस्था के फंड का गलत इस्तेमाल किया। ।
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विस्तार
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में सत्ता संघर्ष और वित्तीय विवाद अब खुलकर सामने आने लगे हैं। RCA की एडहॉक कमेटी द्वारा पूर्व कन्वीनर दीनदयाल (डीडी) कुमावत को 24 लाख रुपए की रिकवरी नोटिस भेजे जाने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एडहॉक कमेटी ने फंड के कथित अनधिकृत उपयोग का आरोप लगाया है, वहीं कुमावत ने इसे बदले की राजनीति और छवि खराब करने की साजिश करार दिया है।
कानूनी फीस भुगतान पर उठे सवाल
RCA की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि कुमावत ने अपने कार्यकाल के दौरान 24 लाख रुपए अधिवक्ताओं को कानूनी फीस के रूप में जारी किए। यह भुगतान सवाई माधोपुर जिला क्रिकेट संघ (DCA) से जुड़े मामलों में किया गया था, जबकि ऐसे मामलों का खर्च उठाना RCA के दायरे में नहीं आता। समिति ने इसे संस्था के फंड का गलत इस्तेमाल बताते हुए राशि सात दिन में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
कार्रवाई की चेतावनी
एडहॉक कमेटी ने चेतावनी दी है कि तय समय में भुगतान नहीं होने पर कुमावत के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही DCA सवाई माधोपुर के खिलाफ भी कार्रवाई संभव बताई गई है।
कुमावत ने आरोपों को बताया निराधार
हालांकि डीडी कुमावत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि सभी भुगतान RCA और कन्वीनर पद से जुड़े कानूनी मामलों के लिए किए गए थे, न कि किसी निजी उद्देश्य से। कुमावत ने दावा किया कि भुगतान अधिकृत बैंकिंग प्रक्रिया के तहत हुए और उस समय के हस्ताक्षर प्राधिकारी आशीष तिवारी और पिंकेश जैन पोरवाल की सहमति से चेक जारी किए गए थे।
वरिष्ठ पदाधिकारियों की जानकारी होने का दावा
कुमावत ने यह भी कहा कि उस समय समिति के कई वरिष्ठ सदस्यों को इन भुगतानों की जानकारी थी। ऐसे में अब सिर्फ उन्हें जिम्मेदार ठहराना दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भुगतान अवैध थे तो संबंधित हस्ताक्षरकर्ताओं और अन्य पदाधिकारियों को नोटिस क्यों नहीं दिया गया।
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बदले की भावना से टारगेट करने का आरोप
पूर्व कन्वीनर ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में कुछ जिला क्रिकेट संघों और पदाधिकारियों पर की गई कार्रवाई के कारण अब बदले की भावना से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि यदि उनके खिलाफ इसी तरह 'झूठे और मानहानिकारक' आरोप लगाए गए तो वह FIR और मानहानि की कानूनी कार्रवाई करेंगे।
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