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Udaipur News: ईडाणा माता का चमत्कारी अग्नि स्नान, 12 फीट तक लपटें, मंदिर में गूंजे जयकारे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 05:40 PM IST
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सार
उदयपुर के सलूंबर स्थित ईडाणा माता मंदिर में गुरुवार सुबह माता रानी ने 11 माह बाद अद्भुत अग्नि स्नान किया। सुबह करीब 8:50 बजे मंदिर परिसर में अचानक अग्नि प्रज्वलित हुई और 12 फीट से अधिक लपटें उठीं।
ईडाणा माता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उदयपुर के सलूंबर स्थित प्रसिद्ध श्री शक्ति पीठ ईडाणा माता मंदिर में गुरुवार सुबह एक बार फिर अद्भुत धार्मिक दृश्य देखने को मिला, जब माता रानी ने लगभग 11 माह बाद अग्नि स्नान किया। सुबह करीब 8:50 बजे मंदिर परिसर में अचानक अग्नि प्रज्वलित हुई, जिसकी लपटें 12 फीट से अधिक ऊँचाई तक उठती नजर आईं।
भक्तों ने देखा दिव्य दृश्य
अग्नि स्नान की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए। भक्तों ने इस दिव्य दृश्य के दर्शन कर स्वयं को सौभाग्यशाली माना और माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता रानी से सुख-समृद्धि और समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।
11 माह बाद हुआ अग्नि स्नान
ईडाणा माता का यह अग्नि स्नान लगभग 11 माह बाद हुआ, और इस दौरान माता की प्रतिमा व आभूषण पूरी तरह सुरक्षित रहे। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, इस अलौकिक दृश्य के दर्शन करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इससे पूर्व माता रानी ने 18 मार्च 2025 को अग्नि स्नान किया था।
यह भी पढ़ें- Rajasthan Assembly: मनरेगा पर आर-पार की लड़ाई, गैंती-फावड़े लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेसी MLA; क्या होगा असर?
माता की इच्छा से होता है अग्नि स्नान
ईडाणा माता के अग्नि स्नान का कोई निश्चित दिन या समय निर्धारित नहीं होता। यह पूरी तरह माता की इच्छा से घटित होने वाला चमत्कार माना जाता है। मंदिर में अग्नि स्वतः प्रज्वलित होती है और बिना किसी प्रयास के शांत भी हो जाती है। इस दौरान मंदिर में चढ़ाई गई चुनरी, नारियल और अन्य पूजन सामग्री जल जाती है, लेकिन आज तक माता की प्रतिमा, आभूषण अथवा गर्भगृह को कोई क्षति नहीं पहुंची है। हालांकि, कई बार अग्नि की तीव्रता के कारण मंदिर के पास मौजूद पेड़ों को नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। श्रद्धालुओं ने इसे माता रानी की कृपा बताया और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।
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भक्तों ने देखा दिव्य दृश्य
अग्नि स्नान की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो गए। भक्तों ने इस दिव्य दृश्य के दर्शन कर स्वयं को सौभाग्यशाली माना और माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने माता रानी से सुख-समृद्धि और समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की।
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11 माह बाद हुआ अग्नि स्नान
ईडाणा माता का यह अग्नि स्नान लगभग 11 माह बाद हुआ, और इस दौरान माता की प्रतिमा व आभूषण पूरी तरह सुरक्षित रहे। स्थानीय श्रद्धालुओं के अनुसार, इस अलौकिक दृश्य के दर्शन करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इससे पूर्व माता रानी ने 18 मार्च 2025 को अग्नि स्नान किया था।
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माता की इच्छा से होता है अग्नि स्नान
ईडाणा माता के अग्नि स्नान का कोई निश्चित दिन या समय निर्धारित नहीं होता। यह पूरी तरह माता की इच्छा से घटित होने वाला चमत्कार माना जाता है। मंदिर में अग्नि स्वतः प्रज्वलित होती है और बिना किसी प्रयास के शांत भी हो जाती है। इस दौरान मंदिर में चढ़ाई गई चुनरी, नारियल और अन्य पूजन सामग्री जल जाती है, लेकिन आज तक माता की प्रतिमा, आभूषण अथवा गर्भगृह को कोई क्षति नहीं पहुंची है। हालांकि, कई बार अग्नि की तीव्रता के कारण मंदिर के पास मौजूद पेड़ों को नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। श्रद्धालुओं ने इसे माता रानी की कृपा बताया और क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की।