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Himachal: ऊना में रद्द होगा 500 करोड़ का इथेनॉल प्लांट, 30 एकड़ भूमि भी वापस लेने की तैयारी

रविंद्र शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 18 Jun 2026 05:00 AM IST
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सार

 उद्योग विभाग ने एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) कंपनी के इथेनॉल प्लांट को रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है। 

500 crore ethanol plant to be cancelled; preparations underway to reclaim 30 acres of land.
इथेनॉल प्लांट(सांकेतिक)। - फोटो : संवाद
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विस्तार

बड़े निवेश, हजारों उम्मीदें और औद्योगिक विकास के सपनों के बीच ऊना में प्रस्तावित 500 करोड़ रुपये का इथेनॉल प्लांट धरातल पर नहीं उतरेगा। उद्योग विभाग ने एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) कंपनी के इथेनॉल प्लांट को रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर उद्योग विभाग ने प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा है, इसमें कंपनी को ऊना के जीतपुर बेहड़ी में इथेनॉल प्लांट को रद्द कर 30 एकड़ भूमि को वापस लेने की बात कही है। नियमों के अनुसार प्लॉट आवंटित किए जाने के दो वर्षों के भीतर प्लांट शुरू करना था लेकिन तीन वर्षों के दौरान कंपनी की ओर से कोई गतिविधि शुरू नहीं की गई।

हालांकि उद्योग विभाग ने कंपनी को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने को भी कहा लेकिन कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद बीते कुछ महीनों में उद्योग विभाग ने कंपनी को तीन नोटिस भेजे हैं, जिसमें कंपनी से इथेनॉल प्लांट शुरू न करने का कारण पूछा। कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। उद्योग विभाग ने जून महीने में तीसरा और अंतिम नोटिस भेजा है। इथेनॉल प्लांट को लगाने की प्रक्रिया वर्ष 2021 से शुरू हो गई थी। जून 2023 में प्रदेश सरकार ने एचपीसीएल कंपनी को इथेनॉल प्लांट लगाने के लिए मंजूरी दी। इसके बाद ऊना के जीतपुर बेहड़ी में 30 एकड़ भूमि को अधिग्रहण कर एचपीसीएल को आवंटित कर दिया। कंपनी ने यार्ड के लिए अलग से 15 एकड़ भूमि की मांग रखी। जिसे उद्योग विभाग ने निजी भूमि का चयन कर एचपीसीएल को सूचित किया। कंपनी को चयनित भूमि के भू-मालिकोें को मुआवजा का पैसा देकर अधिग्रहण प्रक्रिया को पूरा करनी थी, जोकि आज दिन तक नहीं हुई।

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धरी रह गई उम्मीदें
इथेनॉल प्लांट शुरू होने पर प्रतिदिन 1.5 लाख लीटर इथेनॉल का उत्पादन होना था, इससे हर महीने करीब 25 करोड़ का राजस्व सरकार के खाते में आता। करीब पांच सौ से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की भी उम्मीद जगी थी। इसके अलावा इथेनॉल उत्पादन के लिए चावल, गन्ना और मक्का का इस्तेमाल प्रमुखता किया जाना था। ऐसे में क्षेत्र के किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ होती। यहां तक प्लांट के लिए जिला कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर और ऊना से कच्चा माल खरीदे जाने की बात भी कही गई थी।

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एचपीसीएल के प्रस्तावित इथेनॉल प्लांट को रद्द कर आवंटित की भूमि को वापस लेने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा है, ताकि 30 एकड़ भूमि किसी अन्य उद्योग को आवंटित की जा सके। -अंशुल धीमान, संयुक्त निदेशक, उद्योग विभाग

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