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हिमाचल: राजनीतिक दबाव, सिफारिश से तबादला और तैनाती करवाने पर होगी कार्रवाई, सरकार की दो टूक चेतावनी

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 14 May 2026 05:00 AM IST
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सार

 प्रदेश सरकार ने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए राजनीतिक दबाव और सिफारिश से तबादला-पोस्टिंग न करवाएं।

Action to be taken against those securing transfers and postings through political pressure or recommendations
हिमाचल सरकार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को दो टूक चेतावनी देते हुए राजनीतिक दबाव और सिफारिश से तबादला-तैनाती न करवाएं। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सेवा संबंधी मामलों में नियमों को दरकिनार कर प्रॉपर चैनल तोड़ने पर सरकार ने यह संज्ञान लिया है। कार्मिक विभाग ने सचिवालय की सभी अनुभाग अधिकारियों को इस बाबत मेमोरेंडम जारी किया है। सरकार के संज्ञान में मामले आए हैं कि कई कर्मचारी विभागीय प्रक्रिया अपनाने के बजाय सीधे उच्च अधिकारियों को आवेदन भेज रहे हैं।

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कार्मिक विभाग ने कर्मचारियों-अधिकारियों को दिए ये निर्देश 
कुछ मामलों में तो थ्रू प्रॉपर चैनल या एडवांस कॉपी लिखकर आवेदन भेजे गए, जबकि संबंधित विभाग को उसकी जानकारी तक नहीं दी गई। कार्मिक विभाग ने इसे कार्यालय नियमों का उल्लंघन मानते हुए सभी संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे भविष्य में ऐसी गतिविधियों से बचें। आदेश में कहा गया है कि कार्यालय नियमावली के पैरा 8.5 के तहत कोई भी कर्मचारी सीधे उच्च अधिकारियों को पत्र या प्रतिवेदन नहीं भेज सकता। 

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केंद्रीय सिविल सेवा नियम का दिया हवाला
मेमोरेंडम में केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम 1964 का हवाला देते हुए कहा गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने हित साधने के लिए राजनीतिक या बाहरी प्रभाव का इस्तेमाल नहीं कर सकता। इसमें तबादले और पोस्टिंग से जुड़े मामले भी शामिल हैं। यदि कोई कर्मचारी किसी मंत्री, विधायक या अन्य प्रभावशाली व्यक्ति के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश करता पाया गया तो उसके खिलाफ सीसीएस (कंडक्ट) रूल्स के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी कर्मचारी को रखना होगा ऐसा आचरण
आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी हर समय ऐसा आचरण रखें जो एक जिम्मेदार सरकारी सेवक के अनुरूप हो। नियमों के विपरीत गतिविधियों को अनुचित आचरण माना जाएगा। कार्मिक विभाग ने सभी अनुभाग अधिकारियों, निजी सचिवों, अधीक्षकों, वरिष्ठ सहायकों, स्टेनोग्राफरों, क्लर्कों और अन्य कर्मचारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

सचिवालय में निजी स्टाफ काडर का हुआ पुनर्गठन
सरकार ने सचिवालय प्रशासनिक विभाग में निजी स्टाफ के कैडर का पुनर्गठन भी कर दिया है। इसके तहत पर्सनल असिस्टेंट (पीए) के स्वीकृत पद 43 से घटाकर 33 कर दिए गए हैं, जबकि वरिष्ठ स्केल स्टेनोग्राफर के पद 23 से बढ़ाकर 33 किए गए हैं। हालांकि, कुल स्वीकृत पदों की संख्या 168 ही रखी गई है। निजी सचिवों के 42, जूनियर स्केल स्टेनोग्राफरों के 40 और स्टेनो टाइपिस्ट के 20 पद यथावत रखे गए हैं। सचिवालय में कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और पदानुक्रम को संतुलित बनाने के लिए यह बदलाव किए गए हैं।

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