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Shimla News: मुंह पर चुन्नी और रूमाल बांधकर ग्रामीणों ने भरयाल में जताया विरोध
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जाठिया, रामपुरी, भरयाल, धमून, ममलीग और काहला के सैकड़ों लोग और बच्चे पहुंचे भरयाल
कहा, नकदी फसल का कारोबार भी हुआ ठप, पानी की स्कीमें हो गईं दूषित
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगने से लोगों की और बढ़ेगी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के साथ लगते कूड़ा संयंत्र भरयाल में सांस लेना मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि शनिवार को जब लोग विरोध प्रदर्शन करने यहां पर आए तो उन्हें कुछ ही मिनटों में अपने नाक व मुंह को ढकना पड़ गया। संयंत्र से खतरनाक दुर्गंध निकल रही थी। ऐसे में जो लोग अपने बच्चों के साथ यहां आए उन्हें बच्चों को गाड़ियों में बैठाना पड़ गया। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग अपने मुंह व नाक को रूमाल व चुन्नी से ढककर विरोध जताते नजर आए।
राजधानी के मज्याठ वार्ड में बनाए गए कूड़ा संयंत्र में पिछले एक महीने से कूड़े के ढेर आग लग गई थी। हालांकि शनिवार को कम धुआं ही देखने को मिला। लेकिन शहर से रोजाना इकट्ठा होने वाला करीब 100 से 120 टन कचरा जोकि यहां पर फेंका जा रहा है और उससे उठने वाली आग को लेकर लोगों ने जमकर अपना विरोध जताया। सात पंचायतों के लोग सुबह 11:35 मिनट पर यहां पहुंचे। इस दौरान जाठिया, रामपुरी, भरयाल, धमून, ममलीग, काहला और हरीपुर पंचायतों के सैकड़ों लोगों ने अपना विरोध जताया। लोगों ने कहा कि कूड़े के कारण उनके पेयजल स्रोत बर्बाद हो गए हैं। इसके अलावा युवाओं के रोजगार का साधन नकदी फसलें गोभी, शिमला मिर्च, अदरक और हल्दी की पैदावार बंद हो गई है।
स्थानीय निवासियों अशोक, सीमा कुमारी, रामगोपाल और मोनिका ने बताया कि कूड़ा संयंत्र भरयाल से करीब दो किलोमीटर तक पैदल आवाजाही मुश्किल हो गई है। वहीं सौ मीटर की दूरी पर रहने वाले लोगों को घरों के दरवाजे बंद करके वहां रहना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि यहां पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जा रहा है जिससे कि आने वाले दिनों में समस्या और भी गंभीर हो जाएगी। लोगों ने बताया कि उन्होंने निर्णय लिया है कि आने वाले सप्ताह में उपायुक्त अनुपम कश्यप, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री को ज्ञापन के माध्यम से इस समस्या के समाधान की मांग करेंगे। अगर बात नहीं बनी तो सड़कों पर उतरकर धरना देंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से सोलन तक पानी की सप्लाई जाती है। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
किसने क्या कहा
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा परेशानी
कंपनी यहां पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा रही है। इसके लगने से भविष्य में इसके लगने से निकलने वाला पानी क्षेत्र की आबोहवा को दूषित करेगा। वहीं लोग भी बीमार होंगे। - जियालाल, सामाजिक कार्यकर्ता
पशु नहीं खाते घास
यहां की घासनियों की हालत खराब है। यह घासनियां दुर्गंध से भर गई हैं जिस वजह से पशु भी यह घास नहीं खाते हैं। यहां के पेड़-पौधे भी सूख गए हैं।
- प्रेम ठाकुर, जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी
लोगों को खुद ही बनना पड़ेगा सरकार
मंत्री के आने पर भी कुछ नहीं हुआ है। ऐसे में अभी भी समय है कि इस संयंत्र और एसटीपी प्लांट को यहां पर न लगने दिया जाए। अब आम जनता को खुद ही सरकार बनना पड़ेगा। -उत्तम सिंह ठाकुर, टुटू-मज्ठाई प्रधान
आग का धुआं काफी हद तक हुआ कम
भरयाल संयंत्र में कूड़े में लगी आग के कारण फैला धुआं शनिवार को काफी हद तक कम हो गया है। हालांकि मौके पर अधिकारी मजदूरों के साथ आग को बुझाने का काम करते नजर आए। हालांकि ग्रामीण लोगों ने कहा कि यह प्रयास कुछ दिनों तक ही होते हैं। अगर कोई वीआईपी आता है तो उसे मास्क उपलब्ध करवा दिए जाते हैं जबकि लोगों को जीने के लिए उनके हाल पर ही छोड़ दिया जाता है।
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कहा, नकदी फसल का कारोबार भी हुआ ठप, पानी की स्कीमें हो गईं दूषित
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगने से लोगों की और बढ़ेगी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के साथ लगते कूड़ा संयंत्र भरयाल में सांस लेना मुश्किल हो गया है। आलम यह है कि शनिवार को जब लोग विरोध प्रदर्शन करने यहां पर आए तो उन्हें कुछ ही मिनटों में अपने नाक व मुंह को ढकना पड़ गया। संयंत्र से खतरनाक दुर्गंध निकल रही थी। ऐसे में जो लोग अपने बच्चों के साथ यहां आए उन्हें बच्चों को गाड़ियों में बैठाना पड़ गया। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग अपने मुंह व नाक को रूमाल व चुन्नी से ढककर विरोध जताते नजर आए।
राजधानी के मज्याठ वार्ड में बनाए गए कूड़ा संयंत्र में पिछले एक महीने से कूड़े के ढेर आग लग गई थी। हालांकि शनिवार को कम धुआं ही देखने को मिला। लेकिन शहर से रोजाना इकट्ठा होने वाला करीब 100 से 120 टन कचरा जोकि यहां पर फेंका जा रहा है और उससे उठने वाली आग को लेकर लोगों ने जमकर अपना विरोध जताया। सात पंचायतों के लोग सुबह 11:35 मिनट पर यहां पहुंचे। इस दौरान जाठिया, रामपुरी, भरयाल, धमून, ममलीग, काहला और हरीपुर पंचायतों के सैकड़ों लोगों ने अपना विरोध जताया। लोगों ने कहा कि कूड़े के कारण उनके पेयजल स्रोत बर्बाद हो गए हैं। इसके अलावा युवाओं के रोजगार का साधन नकदी फसलें गोभी, शिमला मिर्च, अदरक और हल्दी की पैदावार बंद हो गई है।
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स्थानीय निवासियों अशोक, सीमा कुमारी, रामगोपाल और मोनिका ने बताया कि कूड़ा संयंत्र भरयाल से करीब दो किलोमीटर तक पैदल आवाजाही मुश्किल हो गई है। वहीं सौ मीटर की दूरी पर रहने वाले लोगों को घरों के दरवाजे बंद करके वहां रहना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि यहां पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी लगाया जा रहा है जिससे कि आने वाले दिनों में समस्या और भी गंभीर हो जाएगी। लोगों ने बताया कि उन्होंने निर्णय लिया है कि आने वाले सप्ताह में उपायुक्त अनुपम कश्यप, नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री को ज्ञापन के माध्यम से इस समस्या के समाधान की मांग करेंगे। अगर बात नहीं बनी तो सड़कों पर उतरकर धरना देंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां से सोलन तक पानी की सप्लाई जाती है। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
किसने क्या कहा
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा परेशानी
कंपनी यहां पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगा रही है। इसके लगने से भविष्य में इसके लगने से निकलने वाला पानी क्षेत्र की आबोहवा को दूषित करेगा। वहीं लोग भी बीमार होंगे। - जियालाल, सामाजिक कार्यकर्ता
पशु नहीं खाते घास
यहां की घासनियों की हालत खराब है। यह घासनियां दुर्गंध से भर गई हैं जिस वजह से पशु भी यह घास नहीं खाते हैं। यहां के पेड़-पौधे भी सूख गए हैं।
- प्रेम ठाकुर, जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी
लोगों को खुद ही बनना पड़ेगा सरकार
मंत्री के आने पर भी कुछ नहीं हुआ है। ऐसे में अभी भी समय है कि इस संयंत्र और एसटीपी प्लांट को यहां पर न लगने दिया जाए। अब आम जनता को खुद ही सरकार बनना पड़ेगा। -उत्तम सिंह ठाकुर, टुटू-मज्ठाई प्रधान
आग का धुआं काफी हद तक हुआ कम
भरयाल संयंत्र में कूड़े में लगी आग के कारण फैला धुआं शनिवार को काफी हद तक कम हो गया है। हालांकि मौके पर अधिकारी मजदूरों के साथ आग को बुझाने का काम करते नजर आए। हालांकि ग्रामीण लोगों ने कहा कि यह प्रयास कुछ दिनों तक ही होते हैं। अगर कोई वीआईपी आता है तो उसे मास्क उपलब्ध करवा दिए जाते हैं जबकि लोगों को जीने के लिए उनके हाल पर ही छोड़ दिया जाता है।