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Shimla News: यूआईटी के हर इंजीनियरिंग कोर्स में शामिल होगा एआई विषय
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सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कोर्सों में विषय पहले से कर दिया है शामिल, अब अन्य कोर्सों में भी तैयारी
निर्माण, ऊर्जा, डिजाइन में हो रहा है एआई का इस्तेमाल
खास खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) में इंजीनियरिंग शिक्षा को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
यूआईटी के सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्सों में एआई से संबंधित विषय पहले ही शामिल किए जा चुके हैं। अब संस्थान के अन्य इंजीनियरिंग कोर्सों में भी एआई आधारित विषय शामिल करने की तैयारी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान करना है। एआई का इस्तेमाल अब केवल कंप्यूटर विज्ञान तक सीमित नहीं है। निर्माण, ऊर्जा, डिजाइन, उत्पादन, स्वचालन और तकनीकी विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यूआईटी विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही इन तकनीकों से जोड़ना चाहता है।
सिविल इंजीनियरिंग में एआई आधारित तकनीकों का इस्तेमाल डिजाइन, निर्माण और परियोजना प्रबंधन में किया जा रहा है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिजाइन, उत्पादन और स्वचालित प्रणालियों में एआई की भूमिका बढ़ रही है। वहीं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा प्रबंधन और स्वचालन जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग हो रहा है। यूआईटी में एआई को पाठ्यक्रमों से जोड़ने का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। विद्यार्थियों को अपनी संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में एआई के उपयोग की समझ दी जाएगी। इससे उन्हें तकनीकी समस्याओं के समाधान में नई तकनीकों का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। संस्थान में एआई आधारित शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं।
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कोट
यूआईटी में लगेंगे 120 नए कंप्यूटर : निदेशक
यूआईटी निदेशक ऐजे सिंह ने बताया कि छात्रों के लिए यूआईटी में 120 नए आधुनिक कंप्यूटर लगाए जाएंगे। आने वाले समय में एआई को अन्य पाठ्यक्रमों में भी शामिल करने पर जोर रहेगा। इससे यूआईटी में इंजीनियरिंग शिक्षा का दायरा पारंपरिक विषयों से आगे बढ़ेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ एआई तकनीक की समझ मिलेगी। इसका सीधा लाभ उच्च शिक्षा, शोध और रोजगार के अवसरों में मिलने की उम्मीद है।
इस सत्र से शुरू हुए दो नए बीटेक
यूआईटी में सत्र 2026-27 से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (एआई एवं एमएल) और बीटेक सूचना प्रौद्योगिकी शुरू किए हैं। एआई एवं एमएल पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग पर विशेष ध्यान रहेगा। विद्यार्थियों को कंप्यूटर विज्ञान के साथ एआई तकनीक का व्यवस्थित अध्ययन कराया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम में भी आधुनिक तकनीकी कौशल पर जोर रहेगा। यूआईटी में पहले से संचालित इंजीनियरिंग शाखाओं में एआई से संबंधित विषय जोड़े जा रहे हैं। संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों के अनुरूप तैयार करना है।
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निर्माण, ऊर्जा, डिजाइन में हो रहा है एआई का इस्तेमाल
खास खबर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (यूआईटी) में इंजीनियरिंग शिक्षा को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
यूआईटी के सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कोर्सों में एआई से संबंधित विषय पहले ही शामिल किए जा चुके हैं। अब संस्थान के अन्य इंजीनियरिंग कोर्सों में भी एआई आधारित विषय शामिल करने की तैयारी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान करना है। एआई का इस्तेमाल अब केवल कंप्यूटर विज्ञान तक सीमित नहीं है। निर्माण, ऊर्जा, डिजाइन, उत्पादन, स्वचालन और तकनीकी विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यूआईटी विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही इन तकनीकों से जोड़ना चाहता है।
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सिविल इंजीनियरिंग में एआई आधारित तकनीकों का इस्तेमाल डिजाइन, निर्माण और परियोजना प्रबंधन में किया जा रहा है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिजाइन, उत्पादन और स्वचालित प्रणालियों में एआई की भूमिका बढ़ रही है। वहीं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा प्रबंधन और स्वचालन जैसे क्षेत्रों में इसका उपयोग हो रहा है। यूआईटी में एआई को पाठ्यक्रमों से जोड़ने का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है। विद्यार्थियों को अपनी संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में एआई के उपयोग की समझ दी जाएगी। इससे उन्हें तकनीकी समस्याओं के समाधान में नई तकनीकों का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा। संस्थान में एआई आधारित शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं।
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यूआईटी में लगेंगे 120 नए कंप्यूटर : निदेशक
यूआईटी निदेशक ऐजे सिंह ने बताया कि छात्रों के लिए यूआईटी में 120 नए आधुनिक कंप्यूटर लगाए जाएंगे। आने वाले समय में एआई को अन्य पाठ्यक्रमों में भी शामिल करने पर जोर रहेगा। इससे यूआईटी में इंजीनियरिंग शिक्षा का दायरा पारंपरिक विषयों से आगे बढ़ेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ एआई तकनीक की समझ मिलेगी। इसका सीधा लाभ उच्च शिक्षा, शोध और रोजगार के अवसरों में मिलने की उम्मीद है।
इस सत्र से शुरू हुए दो नए बीटेक
यूआईटी में सत्र 2026-27 से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग (एआई एवं एमएल) और बीटेक सूचना प्रौद्योगिकी शुरू किए हैं। एआई एवं एमएल पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग पर विशेष ध्यान रहेगा। विद्यार्थियों को कंप्यूटर विज्ञान के साथ एआई तकनीक का व्यवस्थित अध्ययन कराया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रम में भी आधुनिक तकनीकी कौशल पर जोर रहेगा। यूआईटी में पहले से संचालित इंजीनियरिंग शाखाओं में एआई से संबंधित विषय जोड़े जा रहे हैं। संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में हो रहे बदलावों के अनुरूप तैयार करना है।