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HP Rajya Sabha Election: वेट एंड वॉच की रणनीति पर चली भाजपा ने चुनाव से किया किनारा

अनिमेष कौशल, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 06 Mar 2026 06:00 AM IST
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सार

राज्यसभा चुनाव को लेकर सस्पेंस बनाए रखने के बाद भाजपा ने आखिरकार चुनाव से दूरी बनाने का फैसला किया। 

BJP followed the wait and watch strategy and stayed away from the elections.
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सस्पेंस बनाए रखने के बाद भाजपा ने आखिरकार चुनाव से दूरी बनाने का फैसला किया। भाजपा ने वेट एंड वॉच की रणनीति अपनाते हुए अंतिम समय तक परिस्थितियों का आकलन किया, लेकिन अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा। सूत्रों के अनुसार भाजपा की रणनीति शुरू से ही इस बात पर टिकी थी कि यदि कांग्रेस किसी दूसरे राज्य के नेता को हिमाचल से राज्यसभा भेजने की कोशिश करती है तो पार्टी इसे मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में उतर सकती है।

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भाजपा ने इसलिए बदली रणनीति
ऐसे हालात में भाजपा क्रॉस वोटिंग और असंतोष का फायदा उठाने की उम्मीद में दांव खेलने की तैयारी में थी। हालांकि, कांग्रेस की ओर से हिमाचल से जुड़े नेता को ही उम्मीदवार बनाए जाने की स्थिति साफ होने के बाद भाजपा ने अपनी रणनीति बदल दी। पार्टी नेताओं का मानना है कि यदि इस परिस्थिति में भाजपा प्रत्याशी उतारती है तो कांग्रेस सरकार इसे राजनीतिक सहानुभूति के तौर पर भुना सकती है। यही कारण रहा कि भाजपा ने चुनावी मुकाबले से दूरी बनाकर रखने का फैसला किया।

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राजनीतिक गलियारों में ये चर्चा
राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि भाजपा ने नामांकन के अंतिम समय तक कांग्रेस की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए रखी। खास तौर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह की राजनीतिक गतिविधियों पर भी पार्टी की पैनी निगाह थी। भाजपा नेतृत्व यह आकलन करने में जुटा रहा कि कहीं कांग्रेस की ओर से अंतिम समय में उम्मीदवार बदलने या किसी बाहरी नेता को मैदान में उतारने जैसी स्थिति तो नहीं बन रही। इसके चलते पार्टी ने अंतिम क्षण तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की और परिस्थितियों का इंतजार करती रही।

पार्टी रणनीतिकारों का ये है मानना
उधर, प्रत्याशी नहीं देने के भाजपा के फैसले को राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में राज्यसभा चुनाव को लेकर अनावश्यक राजनीतिक टकराव से बचना बेहतर है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि कांग्रेस सरकार पहले ही कई मुद्दों को लेकर विपक्ष के निशाने पर है और ऐसे में राज्यसभा चुनाव में सीधे मुकाबले से कांग्रेस को सहानुभूति दिलाने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए।

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