HPU: एचपीयू में शिक्षक भर्ती में बदलाव, अब अंक नहीं ये होगा चयन का आधार, कार्यकारी परिषद ने दी मंजूरी
प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने शिक्षक भर्ती नीति और कार्यक्रम में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने शिक्षक भर्ती नीति और कार्यक्रम में संशोधन को मंजूरी दे दी है। कार्यकारी परिषद की बैठक में गठित समिति की सिफारिशों को स्वीकृति दी गई। इसके बाद कुलसचिव ज्योति राणा ने आदेश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर पदों पर चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार की भूमिका बढ़ा दी गई है। विश्वविद्यालय ने यूजीसी विनियम-2018 के प्रावधानों को अपनाते हुए शोध अंक और शैक्षणिक अंकों को अभ्यर्थियों की प्रारंभिक छंटनी तक सीमित रखा है। अंतिम चयन चयन समिति के समक्ष प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर पदों के लिए पात्र अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में शामिल किया जाएगा।
साक्षात्कार में न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य
चयन के लिए साक्षात्कार में न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 45 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। सहायक प्रोफेसर भर्ती में भी शैक्षणिक अंक केवल साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने में उपयोग होंगे। विश्वविद्यालय ने पदों की संख्या के अनुसार साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों की अधिकतम संख्या तय की है। नई नीति में आवेदन प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है। निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करने वाले और अधूरे आवेदन निरस्त किए जाएंगे। स्क्रीनिंग समिति आवेदन पत्रों की जांच करेगी। विश्वविद्यालय ने भर्ती प्रक्रिया में क्षैतिज आरक्षण को भी शामिल किया है। ऐसे मामलों में जहां आरक्षित श्रेणी में एक ही पात्र अभ्यर्थी उपलब्ध होगा, उसे भी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। चयन समिति की सिफारिशों को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद परिणाम जारी किए जाएंगे।
सहायक प्रोफेसर भर्ती के नए नियम
सहायक प्रोफेसर पदों के लिए विश्वविद्यालय ने लघु सूची तैयार करने की व्यवस्था तय की है। एक पद के लिए अधिकतम 25 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। प्रत्येक अतिरिक्त पद पर 10 अतिरिक्त अभ्यर्थी शामिल होंगे। एक पद होने पर साक्षात्कार के लिए कम से कम पांच पात्र आवेदन और तीन सूचीबद्ध अभ्यर्थियों की उपस्थिति जरूरी होगी। एक से अधिक पद होने पर सात आवेदन और पांच अभ्यर्थियों की उपस्थिति आवश्यक होगी। योग्य उम्मीदवारों की कमी वाले विषयों में कुलपति नियमों में छूट दे सकेंगे।
शोध प्रस्तुति को भी मिलेगा महत्व
नई भर्ती नीति में चयन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के शोध क्षेत्र की प्रस्तुति लेने की सिफारिश की गई है। समिति ने माना है कि शिक्षक पदों के लिए केवल शैक्षणिक रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि शोध क्षमता और विषय विशेषज्ञता भी महत्वपूर्ण है। चयन समिति साक्षात्कार के दौरान अभ्यर्थियों की अकादमिक क्षमता, विषय ज्ञान और शोध दृष्टिकोण का मूल्यांकन करेगी। अंतिम मेरिट तैयार करने में साक्षात्कार के प्रदर्शन को प्रमुख आधार बनाया जाएगा।