विधानसभा मानसून सत्र: 750 जवानों पर सुरक्षा का जिम्मा, ड्रोन भी करेंगे निगरानी, सदन में फोटोग्राफी पर रोक
विधानसभा परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक एंबुलेंस, दो चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात रहेगा। शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र के दौरान सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के दौरान करीब 750 पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। सत्र के दौरान धरना-प्रदर्शनों और संवेदनशील गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस विभाग ड्रोन कैमरों का उपयोग भी करेगा। विधानसभा परिसर में आधुनिक सुविधाओं से लैस एक एंबुलेंस, दो चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ भी तैनात रहेगा। शुक्रवार को विधानसभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र के दौरान सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को विधानसभा भवन की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कोई भी अधिकारी, आगंतुक या मीडिया कर्मी सदन के भीतर फोटोग्राफी अथवा वीडियोग्राफी नहीं कर सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं दर्शक दीर्घा में क्षमता के अनुसार आगंतुकों को पास जारी किए जाएंगे। स्कूली बच्चों को भी सत्र की कार्यवाही देखने का अवसर मिलेगा। पठानिया ने बताया कि हिमाचल प्रदेश ने हाल ही में राज्य के ई-विधान सिस्टम से राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) प्रणाली को अपनाया है, जिसका कार्य अभी प्रगति पर है। ऐसे में इस सत्र के लिए सभी प्रवेश पत्र ऑनलाइन के बजाय हस्तलिखित रूप में जारी किए जाएंगे।
सुरक्षा जांच में अनावश्यक देरी से बचने के लिए अधिकारी दीर्घा पास, स्थापना पास और प्रेस पास प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फ्रिस्किंग की आवश्यकता न्यूनतम रहे। बैठक में तय किया गया कि विधानसभा परिसर की मुख्य पार्किंग में केवल मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही पार्किंग की अनुमति होगी। सुरक्षा कारणों से विधानसभा भवन के भीतर मोबाइल फोन, पेजर और अन्य संचार उपकरण ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्यों से मिलने आने वाले प्रतिनिधिमंडल और आगंतुकों को विधानसभा स्थित प्रतीक्षालय में समय मिलने पर ही मिलने की अनुमति दी जाएगी। बैठक में पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, शिमला के उपायुक्त अनुपम कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
अब तक मिले 406 प्रश्न
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बताया कि आगामी मानसून सत्र के लिए अभी तक विधानसभा सचिवालय को 406 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हो चुकी हैं और इनकी संख्या आगे भी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि सचिवालय सत्र के सुचारु संचालन के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर रहा है।