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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Himachal: Vijender Mehra says CITU and Himachal Kisan Sabha will launch a 'Jail Bharo' agitation on the 10th.

हिमाचल: विजेंद्र मेहरा बोले- 10 को जेल भरो आंदोलन करेगी सीटू और हिमाचल किसान सभा

Fri, 07 Aug 2026 07:32 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 07 Aug 2026 07:32 PM IST
सार

मजदूरों, किसानों, खेतिहर मजदूरों, आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील, आउटसोर्स और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की मांगों को न मानने पर सीटू और किसान सभा ने प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। 

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Himachal: Vijender Mehra says CITU and Himachal Kisan Sabha will launch a 'Jail Bharo' agitation on the 10th.
सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा। - फोटो : संवाद

विस्तार

सीटू और हिमाचल किसान सभा 10 अगस्त को शिमला समेत सभी जिलों में जेल भरो आंदोलन करेगी। मजदूरों, किसानों, खेतिहर मजदूरों, आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील, आउटसोर्स और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की मांगों को न मानने पर सीटू और किसान सभा ने प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। इस आंदोलन में केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध होगा। सीटू का आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण बेरोजगारी, महंगाई और श्रमिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। नए श्रम कानूनों से मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई प्रावधान प्रभावित हुए हैं।

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सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील और अन्य स्कीम वर्करों को नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। साथ ही, उन्हें ग्रेच्युटी, भविष्य निधि, मेडिकल सुविधा और पेंशन जैसी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है। संगठनों ने मनरेगा को मजबूत करने, ग्रामीण रोजगार की गारंटी बहाल रखने और कृषि क्षेत्र को कॉरपोरेट नियंत्रण से बचाने की भी मांग उठाई है। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, कृषि और बीज नीति सहित विभिन्न आर्थिक नीतियों का भी विरोध किया है।
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सीटू की मुख्य मांगों में 4 नए लेबर कोड वापस लेकर पुराने 44 श्रम कानून बहाल करना, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये प्रतिमाह घोषित करना, मनरेगा को मजबूत करना, ग्रामीण रोजगार की गारंटी बहाल रखना, बिजली क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाना, आंगनबाड़ी, आशा और मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना तथा आउटसोर्स, ठेका और मल्टी टास्क वर्करों को नियमित करने जैसी मांगें शामिल हैं। प्रदेशभर के मजदूरों, किसानों और कर्मचारियों से 10 अगस्त को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों पर पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।

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