Ayodhya Ram Mandir Row: शिमला के राम मंदिर पहुंचे सीएम सुक्खू, बोले- आस्था पर चोट बर्दाश्त नहीं
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के बीच मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मंत्रिमंडल और कांग्रेस विधायकों के साथ शिमला के राम मंदिर पहुंचे। उन्होंने पूजा-अर्चना और हवन में भाग लेने के बाद कहा कि यह करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर भगवान राम के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया और आस्था के सम्मान की बात कही।
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आस्था और भक्ति पर जोर
मंदिर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों ने भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया, श्रीराम की प्रतिमा का अभिषेक किया, मंदिर की परिक्रमा की और हवन में आहुति देकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यदि चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप सही हैं, तो यह केवल धन का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का विषय है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से सहयोग राशि एकत्र की जा रही थी, तब उन्होंने विधायक रहते हुए अपनी श्रद्धा के अनुसार योगदान दिया था। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर हिमाचल सरकार ने पूरे दिन का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक श्रद्धालु भगवान के नाम पर राजनीति नहीं करते। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि आस्था को ठेस पहुंचाने वालों को सद्बुद्धि मिले।
रामो विग्रहवान् धर्मः साधुः सत्य पराक्रमः।
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) July 7, 2026
राजा सर्वस्य लोकस्य देवानाम् इव वासवः॥
प्रभु श्रीराम मंदिर, अयोध्या में चढ़ावे और आभूषणों से जुड़ी चोरी की खबरों से आहत होकर आज शिमला स्थित पावन श्रीराम मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा प्रभु से सत्य, न्याय एवं धर्म की रक्षा की प्रार्थना… pic.twitter.com/JvJ9XIbT2B
राजीव गांधी की भूमिका का दावा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह भी दावा किया कि राम मंदिर आंदोलन में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। इस बयान के साथ, उन्होंने कांग्रेस के रुख को स्पष्ट करने का प्रयास किया और भाजपा पर आस्था के राजनीतिकरण का आरोप लगाया।
अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनकी पोस्ट के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
विक्रमादित्य सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर "जय श्री राम" लिखते हुए एक भावनात्मक पोस्ट साझा की। पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'हे रघुनंदन, हम शर्मिंदा हैं, आपके नाम पर सत्ता भोगने वाले आज भी जिंदा हैं। जिन्होंने भगवे की आड़ में आपके ही धाम को लूट लिया, वो 'रामभक्त' बनने वाले ढोंगी आज भी सलाखों के बाहर परिंदा हैं।'
मंत्री ने अपनी पोस्ट में किसी व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया है। हालांकि, इसे राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा विवाद पर उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।
यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब इस मुद्दे को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। हिमाचल प्रदेश में भी इस विषय पर लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विक्रमादित्य सिंह की पोस्ट के बाद इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए राम मंदिर को लेकर पार्टी के रुख पर सवाल उठाए।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस की वर्तमान राजनीति पर यह कहावत पूरी तरह लागू होती है कि '100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।' उनका आरोप है कि कांग्रेस ने वर्षों तक श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का विरोध किया और अब राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार अपना रुख बदल रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय तक तुष्टीकरण की राजनीति करती रही और राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर उसका रवैया सर्वविदित रहा है। उनके अनुसार, आज कांग्रेस नेताओं का राम मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करना धार्मिक आस्था से अधिक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास प्रतीत होता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का भी उल्लेख करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दिए गए उनके बयान और वर्तमान गतिविधियों में विरोधाभास दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब वोट बैंक की राजनीति के तहत अपनी छवि बदलने की कोशिश कर रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके नाम पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस से अपने पूर्व रुख पर आत्ममंथन करने की भी बात कही।
अयोध्या स्थित राम मंदिर से जुड़े कथित विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर को लेकर राजनीतिक बयान देने के बजाय पार्टी को अपने शासनकाल के दौरान लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर जवाब देना चाहिए।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण 500 वर्षों के संघर्ष, करोड़ों सनातनियों की आस्था और रामभक्तों के लंबे आंदोलन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के दौरान संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत यह ऐतिहासिक कार्य पूरा हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कई नेताओं ने वर्षों तक भगवान श्रीराम, रामसेतु और राम जन्मभूमि से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। अब जब राम मंदिर बन चुका है और देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, तब कांग्रेस इस विषय पर राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
सांसद ने कहा कि प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के पूर्व में दिए गए बयानों को भी याद रखे हुए है। उन्होंने कांग्रेस से हिंदुओं की आस्था का सम्मान करने की अपील की।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को राम मंदिर के मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय अपने शासनकाल के दौरान सामने आए कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में नेशनल हेराल्ड, 2जी स्पेक्ट्रम, कॉमनवेल्थ गेम्स, कोयला आवंटन (कोलगेट), अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर और आदर्श हाउसिंग सोसाइटी जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रहित, विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि कांग्रेस जनभावनाओं से जुड़े विषयों पर राजनीति करती रही है। उनके अनुसार, देश की जनता अब कार्य और तथ्यों के आधार पर निर्णय ले रही है।