Jairam Thakur: नेता प्रतिपक्ष का कांग्रेस पर हमला, बोले- आस्था नहीं, राजनीतिक मजबूरी में पहुंची राम मंदिर
शिमला के राम मंदिर में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और मंत्रिमंडल की पूजा-अर्चना के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर को लेकर कांग्रेस का पुराना रुख सभी के सामने है और अब पार्टी राजनीतिक कारणों से अपनी छवि बदलने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की ओर से फिलहाल इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनके मंत्रिमंडल द्वारा शिमला के ऐतिहासिक राम मंदिर में की गई विशेष पूजा-अर्चना को लेकर कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का भगवान श्रीराम और राम मंदिर के प्रति वर्षों पुराना रुख जगजाहिर है, लेकिन अब राजनीतिक परिस्थितियों के चलते पार्टी अपनी छवि बदलने का प्रयास कर रही है।
हमेशा भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकारने वाली, राम मंदिर के खिलाफ अपने वकीलों की फौज खड़ी करने वाली, राम मंदिर निर्माण के फैसले पर रोक लगाने की मांग करने वाली और माननीय उच्चतम न्यायालय में भगवान श्रीराम को काल्पनिक पात्र बताने वाला हलफनामा देने वाली कांग्रेस आज राम के नाम पर… pic.twitter.com/JO5HW23o1f
— Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) July 7, 2026विज्ञापन
जयराम ठाकुर ने अपने बयान में कहा कि कांग्रेस ने हमेशा भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए हैं, राम मंदिर निर्माण का विरोध किया है और यहां तक कि न्यायालय में भी राम मंदिर से जुड़े मामलों में विरोध का पक्ष लिया है। उन्होंने दावा किया कि आज वही कांग्रेस राम मंदिर जाकर श्रद्धा का प्रदर्शन कर रही है, जबकि यह उनकी वास्तविक आस्था नहीं, बल्कि राजनीतिक मजबूरी है।
मुख्यमंत्री सुक्खू पर भी साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय कांग्रेस का रवैया बिल्कुल अलग था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बहिष्कार किया था, और अब मंत्रिमंडल के साथ राम मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करना केवल राजनीतिक संदेश देने का एक प्रयास मात्र है।
'बदलते राजनीतिक माहौल का परिणाम'
नेता प्रतिपक्ष ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस नेताओं का इतने वर्षों बाद राम मंदिर जाना उनकी धार्मिक आस्था का परिचायक नहीं है, बल्कि यह बदलते राजनीतिक माहौल का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस के पुराने और वर्तमान रुख के बीच के अंतर को भलीभांति समझती है।