Himachal: विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज के विरोध में लोकभवन के बाहर सीएम सुक्खू सहित मंत्रियों ने दिया धरना
मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों ने लोकभवन के बाहर सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार सहित अन्य नेता भी शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उनके कैबिनेट मंत्रियों ने मंगलवार देर शाम लोकभवन के बाहर धरना दिया। कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित यह धरना नई दिल्ली में नीट पेपर लीक पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन, लाठीचार्ज के विरोध में किया गया। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ कथित दुर्व्यवहार व हिरासत में लेने का भी विरोध जताया। सीएम सुक्खू और मंत्रियों ने जमीन पर ही बैठकर धरना दिया। शिमला इंकलाब जिंदाबाद व अन्य नारों से गूंज उठा। सीएम सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। इस दाैरान सीएम सुक्खू ने कहा कि लोकतंत्र की ताकत प्रदर्शन होती है ताकि जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाया जा सके। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर बैठे युवाओं की मांग थी कि पेपर लीक से जो 20 बच्चों ने आत्महत्या की है, उसके लिए जो जिम्मेदार है और उसका इस्तीफा क्यों नहीं लिया गया। सीएम ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से भी विद्यार्थियों का समर्थन किया गया और वह धरने पर बैठ गए लेकिन उन्हें वहां से उठा लिया गया। लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज के बिना तानाशाही कहलाती है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। केंद्र ने इस मामले में अड़ियल रवैया अपनाया है। बच्चों पर दर्ज प्राथमिकी वापस होनी चाहिए।
सोनम वांगचुक पर बनाए गए मामले भी वापस लिए जाने चाहिए। सीएम ने कहा कि भाजपा की सरकारों में पेपर लीक होना आम बात है। जब हिमाचल में भी भाजपा की सरकार थी तो यहां पर भी पेपर लीक हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह खुद छात्र राजनीति के माध्यम से ही आगे बढ़े हैं। छात्रों के आंदोलन को कुचलने का प्रयास सही नहीं है। धरने में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ. धनीराम शांडिल, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, विधायक, पूर्व विधायक, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष विनय कुमार और नगर निगम शिमला के महापौर संजय चौहान भी शामिल रहे। इससे पहले पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वह स्वयं छात्र राजनीति से निकले हैं और विद्यार्थियों की पीड़ा को करीब से समझते हैं। नई दिल्ली में विद्यार्थियों पर हुए लाठीचार्ज की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। कांग्रेस पार्टी और हम सभी इस कार्रवाई का विरोध करते हैं। सुक्खू ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज नहीं किया जाना चाहिए था। केंद्र सरकार, विद्यार्थियों के साथ मांगों पर बातचीत कर गतिरोध खत्म करे।
राहुल गांधी को गिरफ्तार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ : सीएम
सीएम ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट डाली कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को गिरफ्तार किए जाने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका युवाओं की आवाज को मजबूती से उठाने और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित करने की होती है। नेता प्रतिपक्ष को गिरफ्तार कर जिस तरह की व्यवस्था बनाई जा रही है, वह लोकतंत्र की भावना के लिए चिंताजनक है।
नीट पेपर लीक मामले में हो रहे आंदोलन में शामिल होने नई दिल्ली जाएंगे : नेगी
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि उन्हें समय लगा तो वह भी नई दिल्ली में नीट पेपर लीक होने के मामले में हो रहे आंदोलन में शामिल होने नई दिल्ली जाएंगे। उन्होंने युवाओं पर हुए लाठीचार्ज को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवा शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर लाठियां बरसाईं। कई युवा घायल हुए। नेगी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। बीते दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सड़कें बंद हुई हैं, उन्हें बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जल्द ही यातायात बहाल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार तानाशाहीपूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि वह देश के युवाओं के समर्थन में खड़े हैं और मौका मिलने पर उनके समर्थन में दिल्ली भी जाएंगे।
लोकतंत्र का गला घोंट रही है केंद्र सरकार : राठौर
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और ठियोग से विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला दमन किया जा रहा है और युवाओं की आवाज को पुलिस के बल पर दबाने की कोशिश हो रही है। देशभर में पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। छात्र न्याय और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय सरकार उन पर लाठीचार्ज करवा रही है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही की निशानी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी छात्रों के समर्थन में शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उन्हें हिरासत में लेकर केंद्र सरकार ने अपनी लोकतंत्र विरोधी मानसिकता उजागर कर दी है। सरकार जनता के सवालों का जवाब देने से बच रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है।