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Shimla News: चेक बाउंस मामले में दोषी को 3 महीने का कारावास

Fri, 31 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:59 PM IST
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Convict sentenced to 3 months' imprisonment in cheque bounce case.
दोषी को 1.70 लाख जुर्माना भी देना होगा
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ऋण चुकाने के बदले जारी किया था एक लाख का चेक
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अदालत ने चेक बाउंस मामले में दोषी को तीन महीने की साधारण कैद और 1.70 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ज्योति भागचंदानी की अदालत ने सुनाया।

जुर्माने की यह राशि शिकायतकर्ता को बतौर मुआवजा दी जाएगी। यदि आरोपी जुर्माना भरने में विफल रहता है तो उसे 30 दिन की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। शिमला निवासी शिकायतकर्ता सीमा कुमारी ने 21 अक्तूबर 2019 को अदालत में मामला दर्ज करवाया था कि शिमला निवासी आरोपी हरदयाल सिंह ने उनसे एक लाख रुपये का ऋण लिया था। इस ऋण के भुगतान के एवज में आरोपी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का एक लाख रुपये का चेक जारी किया था। इस चेक को शिकायतकर्ता ने अपने बैंक (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया) में लगाया तो यह बाउंस होकर वापस आ गया। इसके बाद कानूनी नियमों के तहत नोटिस भेजने और तय समय सीमा में भुगतान न होने पर अदालत में शिकायत दर्ज करवाई थी।
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मुकदमे के दौरान दोषी ने मुख्य रूप से तीन बचाव पक्ष रखे जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया। दोषी ने अपने बयान में कहा कि ऋण बिट्टू नाम के व्यक्ति ने लिया था और उसने केवल एक गारंटर के तौर पर चेक दिया था। इस पर अदालत ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि गारंटर द्वारा दिया चेक भी धारा 138 के दायरे में आता है, क्योंकि कानून यह अनिवार्य नहीं करता कि चेक केवल ड्रावर की अपनी व्यक्तिगत देनदारी के लिए ही हो।
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आरोपी ने नोटिस मिलने से इन्कार किया जिसे अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कोर्ट में समन मिलने के बाद भी यदि भुगतान नहीं किया जाता तो नोटिस न मिलने का तकनीकी बहाना नहीं चल सकता। आरोपी ने चेक के दुरुपयोग का आरोप लगाया लेकिन इसके समर्थन में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई और न ही बैंक को स्टॉप पेमेंट के लिए कोई निर्देश दिए। अदालत ने इसे झूठा बचाव माना। अदालत ने साक्ष्यों और दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करते हुए पाया कि शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों को पूरी तरह साबित कर दिया है।
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