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Shimla News: ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसकर युवतियां हो रहीं मानसिक तनाव का शिकार

Sat, 01 Aug 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:59 PM IST
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Young women are falling victim to mental stress after getting trapped in blackmailing schemes.
सखी वन स्टॉप सेंटर में जिले से आए हैं 40 मामले, हेल्पलाइन पर पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर कर रहीं हैं शिकायत
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युवतियां और महिलाओं की काउंसलिंग करवा रहा सेंटर
एक्सक्लूसिव
दीक्षा सरोय
शिमला। साइबर अपराध और ब्लैकमेलिंग के मामलों के कारण युवतियां मानसिक तनाव का शिकार हो रही हैं। जिले के मशोबरा स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर में ऐसे 40 मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़िताओं को मनोवैज्ञानिक परामर्श और कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है।
केंद्र में लगातार ऐसे नए मामले पहुंच रहे हैं, जो साइबर अपराध के बढ़ते खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं। केंद्र में अधिकांश पीड़िता अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज करवा रही हैं। इससे उन्हें बिना किसी डर या सामाजिक दबाव के अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है। केंद्र में तैनात मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ उनकी काउंसिलिंग कर उन्हें मानसिक तनाव से उबरने और कानूनी प्रक्रिया को समझने में मदद कर रहे हैं।
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वन स्टॉप सेंटर के अनुसार अधिकांश मामलों में युवतियों और महिलाओं को उनके मित्रों या परिचितों ने ही निजी तस्वीरों और जानकारी का दुरुपयोग कर ब्लैकमेल किया है। कई मामलों में आरोपियों ने पीड़िताओं से पैसे भी ऐंठे हैं, जिससे वह गंभीर मानसिक तनाव में आ गईं। ऐसी पीड़िताएं हेल्पलाइन या स्वयं केंद्र पहुंचकर सहायता ले रही हैं। केंद्र में पीड़िताओं को कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
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केस-1
रोहड़ू क्षेत्र की एक युवती ने कुछ दिन पहले देर रात हेल्पलाइन के माध्यम से सखी वन स्टॉप सेंटर से संपर्क किया। बताया कि उसके एक मित्र के परिचित ने उसकी तस्वीरें भेजकर उन्हें आपत्तिजनक रूप में सार्वजनिक करने और परिवार को भेजने की धमकी दी। शिकायत के समय युवती बेहद तनाव में थी और आत्महत्या तक की बात कह रही थी। केंद्र की टीम ने उसे पूरी गोपनीयता और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। लगातार काउंसिलिंग के बाद वह साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार हुई और उसे कानूनी सहायता भी उपलब्ध करवाई गई।


केस-2
कुमारसेन क्षेत्र की एक विवाहित महिला ने केंद्र से संपर्क कर बताया कि उसके एक परिचित ने उसकी तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक बना दिया और सोशल मीडिया के माध्यम से उसे तथा उसके ससुराल पक्ष को तस्वीरें भेजने की धमकी दी। आरोपी ने महिला से पैसे भी ऐंठ लिए।महिला ने केंद्र से संपर्क तो किया, लेकिन लिखित शिकायत देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद केंद्र के कर्मचारियों ने उसे मनोवैज्ञानिक सहयोग दिया और आरोपी को चेतावनी दी। महिला को सलाह दी गई कि यदि समस्या जारी रहती है तो वह साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराए। काउंसलिंग के बाद महिला की स्थिति में सुधार आया।




ब्लैकमेलर को पैसा न दें, सबूत सुरक्षित रखें
मशोबरा स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक भावना कौशल ने कहा कि साइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर घबराने या ब्लैकमेलर के दबाव में आने की जरूरत नहीं है। ऐसे लोगों को किसी भी परिस्थिति में पैसे न भेजें और अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें। उन्होंने कहा कि चैट, फोटो, वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और स्क्रीनशॉट जैसे सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें तथा ब्लैकमेल करने वाले व्यक्ति को ब्लॉक कर दें, लेकिन कोई भी सबूत डिलीट न करें। पीड़ित तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत कर सकते हैं। यदि पीड़िता महिला या बच्ची है तो वह सीधे सखी वन स्टॉप सेंटर की हेल्पलाइन 0177-2740268 पर संपर्क कर सकती है।
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