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Shimla News: नई बैटरी न आने से धक्का स्टार्ट बन रही एचआरटीसी बसें
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परिवहन निगम के डिपुओं में नई बैटरियां न आने से रोजाना आम सवारियों को झेलनी पड़ रही है परेशानी, ढली वर्कशॉप में 14 बसें खड़ी
रूट क्लब कर भेजी जा रही हैं एचआरटीसी बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सैकड़ों इलेक्ट्रिक बसों की खरीद कर बेहतर परिवहन सेवाएं देने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन राजधानी समेत प्रदेशभर के डिपो में कभी टायर, कभी कलपुर्जों की कमी और अब पुरानी बैटरियों के कारण बसें जगह-जगह खराब हो रही हैं।
शिमला और आसपास के रूटों पर चलने वाली शिमला शहरी और ग्रामीण डिपो की 14 बसें ढली स्थित वर्कशॉप में बैटरी की खराबी के कारण खड़ी हैं। खराब बसों की बैटरियां बदलकर कामचलाऊ व्यवस्था की जा रही है। इसके चलते रूटों पर चल रही बसें भी बीच रास्ते में हांफ रही हैं और कई बार धक्का-स्टार्ट करनी पड़ रही हैं। इससे रोजाना यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। एचआरटीसी के शिमला ग्रामीण डिपो नंबर-3 की करीब 10 बसें बैटरी और अन्य तकनीकी कारणों से खड़ी हैं। इसके चलते डिपो के कई रूटों को क्लब कर बसें भेजी जा रही हैं। रूट क्लब करने का भी विरोध हो रहा है।
डिपो के करीब 15 रूट ऐसे हैं, जिन पर नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। तारादेवी डिपो में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। यहां बड़ी खराबी के कारण वर्कशॉप में खड़ी बसों की बैटरियां निकालकर दूसरी बसों में लगाई जा रही हैं। इस डिपो की चार बसें बैटरी न होने के कारण खड़ी हैं। बैटरियों की अदला-बदली कर बसों को रूटों पर भेजने का काम चल रहा है। पहले टायरों की कमी और अब बैटरियों की अनुपलब्धता के अलावा तकनीकी स्टाफ के रिक्त पदों और कलपुर्जों की कमी से बसों की मरम्मत और रखरखाव व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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रूट क्लब कर न भेजी जाएं बसें
शिमला। शिमला-नालहट्टी (सुबह 7:30 बजे) और सेरी रूट (सुबह 8:10 बजे) की बसों को सप्ताह में दो से तीन बार क्लब कर भेजा जा रहा है। शिमला ग्रामीण डिपो में कुनिहार वाया बनगढ़ रूट की सुबह 6:00 और 6:45 बजे चलने वाली बसों को भी क्लब किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ अन्य रूटों पर भी इसी तरह की कामचलाऊ व्यवस्था की जा रही है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। नालहट्टी के सरमाणा निवासी कपिल, देव, सुरेंद्र शर्मा, चलहोग निवासी संजीव कुमार ने बताया कि सेरी और नालहट्टी रूट पर क्लब कर भेजी जा रही एक ही बस के कारण नालहट्टी की सवारियों को सुबह 8:10 बजे तक इंतजार करना पड़ता है। इससे सेरी जाने वाले यात्री भी परेशान हैं, क्योंकि बस पहले नालहट्टी जाती है और फिर करीब साढ़े नौ बजे सेरी पहुंचती है।
अगले सप्ताह आएंगी 100 नई बैटरियां
बसों में बैटरी की समस्या को दूर करने के लिए नया एग्रीमेंट कर लिया है। अगले सप्ताह तक करीब 100 नई बैटरियां पहुंच जाएंगी, जिन्हें अलग-अलग डिपो को उपलब्ध करवाया जाएगा। एचआरटीसी के डीएम टेक्निकल पवन शर्मा ने बताया कि इसके बाद नियमित रूप से समय-समय पर बैटरियों की सप्लाई भी शुरू हो जाएगी। पुराना एग्रीमेंट समाप्त होने के बाद नया एग्रीमेंट करने में समय लगा, लेकिन अब प्रक्रिया पूरी कर ऑर्डर जारी कर दिया गया है।
-पवन शर्मा, डीएम टेक्निकल, एचआरटीसी
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रूट क्लब कर भेजी जा रही हैं एचआरटीसी बसें
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। सैकड़ों इलेक्ट्रिक बसों की खरीद कर बेहतर परिवहन सेवाएं देने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन राजधानी समेत प्रदेशभर के डिपो में कभी टायर, कभी कलपुर्जों की कमी और अब पुरानी बैटरियों के कारण बसें जगह-जगह खराब हो रही हैं।
शिमला और आसपास के रूटों पर चलने वाली शिमला शहरी और ग्रामीण डिपो की 14 बसें ढली स्थित वर्कशॉप में बैटरी की खराबी के कारण खड़ी हैं। खराब बसों की बैटरियां बदलकर कामचलाऊ व्यवस्था की जा रही है। इसके चलते रूटों पर चल रही बसें भी बीच रास्ते में हांफ रही हैं और कई बार धक्का-स्टार्ट करनी पड़ रही हैं। इससे रोजाना यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। एचआरटीसी के शिमला ग्रामीण डिपो नंबर-3 की करीब 10 बसें बैटरी और अन्य तकनीकी कारणों से खड़ी हैं। इसके चलते डिपो के कई रूटों को क्लब कर बसें भेजी जा रही हैं। रूट क्लब करने का भी विरोध हो रहा है।
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डिपो के करीब 15 रूट ऐसे हैं, जिन पर नियमित बस सेवा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। तारादेवी डिपो में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। यहां बड़ी खराबी के कारण वर्कशॉप में खड़ी बसों की बैटरियां निकालकर दूसरी बसों में लगाई जा रही हैं। इस डिपो की चार बसें बैटरी न होने के कारण खड़ी हैं। बैटरियों की अदला-बदली कर बसों को रूटों पर भेजने का काम चल रहा है। पहले टायरों की कमी और अब बैटरियों की अनुपलब्धता के अलावा तकनीकी स्टाफ के रिक्त पदों और कलपुर्जों की कमी से बसों की मरम्मत और रखरखाव व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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रूट क्लब कर न भेजी जाएं बसें
शिमला। शिमला-नालहट्टी (सुबह 7:30 बजे) और सेरी रूट (सुबह 8:10 बजे) की बसों को सप्ताह में दो से तीन बार क्लब कर भेजा जा रहा है। शिमला ग्रामीण डिपो में कुनिहार वाया बनगढ़ रूट की सुबह 6:00 और 6:45 बजे चलने वाली बसों को भी क्लब किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ अन्य रूटों पर भी इसी तरह की कामचलाऊ व्यवस्था की जा रही है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। नालहट्टी के सरमाणा निवासी कपिल, देव, सुरेंद्र शर्मा, चलहोग निवासी संजीव कुमार ने बताया कि सेरी और नालहट्टी रूट पर क्लब कर भेजी जा रही एक ही बस के कारण नालहट्टी की सवारियों को सुबह 8:10 बजे तक इंतजार करना पड़ता है। इससे सेरी जाने वाले यात्री भी परेशान हैं, क्योंकि बस पहले नालहट्टी जाती है और फिर करीब साढ़े नौ बजे सेरी पहुंचती है।
अगले सप्ताह आएंगी 100 नई बैटरियां
बसों में बैटरी की समस्या को दूर करने के लिए नया एग्रीमेंट कर लिया है। अगले सप्ताह तक करीब 100 नई बैटरियां पहुंच जाएंगी, जिन्हें अलग-अलग डिपो को उपलब्ध करवाया जाएगा। एचआरटीसी के डीएम टेक्निकल पवन शर्मा ने बताया कि इसके बाद नियमित रूप से समय-समय पर बैटरियों की सप्लाई भी शुरू हो जाएगी। पुराना एग्रीमेंट समाप्त होने के बाद नया एग्रीमेंट करने में समय लगा, लेकिन अब प्रक्रिया पूरी कर ऑर्डर जारी कर दिया गया है।
-पवन शर्मा, डीएम टेक्निकल, एचआरटीसी